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तालिबानी हुकूमत को अहमद मसूद की हुंकार, कहा- जिस दिन तालिबान पंजशीर को जीत लेगा, उस दिन घाटी में मेरा आखिरी दिन होगा

Renuka Sahu
4 Sep 2021 3:32 AM GMT
तालिबानी हुकूमत को अहमद मसूद की हुंकार, कहा- जिस दिन तालिबान पंजशीर को जीत लेगा, उस दिन घाटी में मेरा आखिरी दिन होगा
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फाइल फोटो 

अफगानिस्तान में कब्जा करने वाले तालिबान के लिए पंजशीर जीत लेना इतना आसान नहीं होगा

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। अफगानिस्तान में कब्जा करने वाले तालिबान के लिए पंजशीर जीत लेना इतना आसान नहीं होगा। पंजशीर घाटी को तालिबान द्वारा कब्जा किए जाने की खबरों के बीच अहमद मसूद ने हुंकार भरी है और कहा कि जिस दिन तालिबान पंजशीर को जीत लेगा, उस दिन घाटी में मेरा आखिरी दिन होगा। पंजशीर में तालिबानी कब्जे की मीडिया रिपोर्ट को नॉर्दन अलायंस के मुखिया अहमद मसूद ने सिरे से खारिज किया और कहा कि यह पाकिस्तान और वहां की मीडिया की साजिश है। रेसिस्टेंस फोर्स के मुखिया ने कहा कि तालिबान से उनकी जंग जारी रहेगी।

पंजशीर से रेसिस्टेंस फोर्स की कमान संभाल रहे और तालिबान को चुनौती देने वाले अहमद मसूद ने एक ट्वीट में कहा कि तालिबान के पंजशीर पर कब्जा करने की खबरें फर्जी हैं। उन्होंने कहा 'पंजशीर को जीतने की खबरें पाकिस्तानी मीडिया में घूम रही हैं। यह एक झूठ है। इसे जीतना पंजशीर में मेरा आखिरी दिन होगा,इंशाअल्लाह।' बता दें कि नॉर्दन अलांयस के एक ट्वीट के मुताबिक, 'पंजशीर में गुरुवार रात की लड़ाई में 450 तालिबान मारे गए और 230 ने आत्मसमर्पण किया। वहीं, बदख्शां प्रांत के 170 तालिबानी रेसिस्टेंस फोर्स में शामिल हुए।'
इससे पहले खुद को अफगानिस्तान का कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित करने वाले एवं पंजशीर घाटी में प्रतिरोध बलों में शामिल हो चुके अमारुल्लाह सालेह ने शुक्रवार को कहा कि वह देश से नहीं भागे हैं और प्रांत को घेरने वाले तालिबान तथा अल कायदा जैसे आतंकवादी समूहों का समर्थन करने के लिए पाकिस्तान को सीधे तौर पर दोषी ठहराया। एक वीडियो संदेश में, सालेह (जो पूवोर्त्तर प्रांत पंजशीर में अहमद मसूद के प्रतिरोध आंदोलन के साथ सेना में शामिल हो गए हैं) ने कहा कि उनके अफगानिस्तान से भागने से संबंधित रिपोर्ट 'पूरी तरह से निराधार' हैं।
सालेह ने कहा कि मैं पंजशीर में हूं। स्थिति बहुत कठिन है। सालेह ने कहा कि हम पर तालिबान, उनके अल कायदा सहयोगियों, क्षेत्र और उसके बाहर के अन्य आतंकवादी समूहों द्वारा आक्रमण किया गया है, जैसा कि हमेशा की तरह यह पाकिस्तानियों द्वारा समर्थित है। उन्होंने कहा कि हमने मैदान पर कब्जा कर लिया है, हमने विरोध किया है। प्रतिरोध आत्मसमर्पण करने वाला नहीं है, आतंकवाद के आगे झुकने वाला नहीं है और यह जारी रहने वाला है। उन्होंने कहा कि कठिनाइयां हैं लेकिन मैं भागा नहीं हूं और न हीं फरार हूं।


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