भारत

GRRC लैंसडाउन में अग्निवीरों का कठोर प्रशिक्षण, 30 किमी नाइट मार्च से परखी गई क्षमता

SHIDDHANT
8 Jun 2026 8:21 PM IST
GRRC लैंसडाउन में अग्निवीरों का कठोर प्रशिक्षण, 30 किमी नाइट मार्च से परखी गई क्षमता
x
Uttarakhand उत्तराखंड। गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर (GRRC) लैंसडाउन में अग्निवीर प्रशिक्षण के तहत अगली पीढ़ी के सैनिकों को कठोर, अनुशासित और तकनीक-आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भारतीय सेना की इस पहल का उद्देश्य युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह सक्षम बनाना है। इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में अग्निवीरों को कॉम्बैट कंडीशनिंग, फील्ड अनुशासन और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में ऑपरेशनल तैयारी पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान सैनिकों को आधुनिक युद्ध तकनीकों और उपकरणों से भी परिचित कराया गया।
शिविर का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा 30 किलोमीटर लंबी नाइट रूट मार्च रहा, जिसमें अग्निवीरों की शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता और टीम भावना की गहन परीक्षा हुई। इस अभ्यास के दौरान उन्हें लगातार बदलते मौसम और कठिन पहाड़ी रास्तों में आगे बढ़ना पड़ा। इसके अलावा, प्रशिक्षण में ड्रोन संचालन, नई पीढ़ी के सैन्य उपकरणों का उपयोग, फील्ड क्राफ्ट और बैटल क्राफ्ट जैसी आधुनिक सैन्य क्षमताओं पर भी विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इससे अग्निवीरों को आधुनिक युद्ध परिस्थितियों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
भारतीय सेना के अनुसार यह शिविर युवाओं को सिर्फ शारीरिक रूप से मजबूत बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम और रणनीतिक रूप से तैयार सैनिकों में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सेना का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम अग्निवीरों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और उन्हें भविष्य के युद्धक्षेत्र के लिए अधिक सक्षम बनाते हैं। यह पहल भारतीय सेना के उस व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसमें प्रेरित युवाओं को अनुशासित, सक्षम और पूर्ण रूप से युद्ध-तैयार सैनिकों में बदला जा रहा है।
Next Story