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मूर्ति विसर्जन के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर आबना नदी में गिरी, 10 की मौत

Shantanu Roy
2 Oct 2025 9:37 PM IST
मूर्ति विसर्जन के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर आबना नदी में गिरी, 10 की मौत
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Khandva. खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में दशहरा पर्व के दिन एक भयानक और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया। पंधाना थाना क्षेत्र के पाडल फाटा गांव के पास आबना नदी पर पुलिया से मूर्ति विसर्जन करके लौट रही लोगों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर नदी में गिर गई। इस दुर्घटना में अब तक कम से कम 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग लापता बताए जा रहे हैं। घटना गुरुवार शाम करीब 5 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र के लोग दुर्गा माता की प्रतिमा विसर्जन के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार होकर अपने गांवों की ओर लौट रहे थे।

ट्रॉली में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग समेत करीब 20-25 लोग सवार थे। जैसे ही ट्रैक्टर पुलिया पार कर रहा था, अचानक संतुलन बिगड़ गया और ट्रॉली तेज बहाव वाली नदी में समा गई। ट्रॉली के गिरते ही चीख-पुकार मच गई, लेकिन नदी का बहाव इतना तेज था कि तुरंत बचाव संभव नहीं हो सका। मौके पर पहुंची पंधाना थाना पुलिस, जिला प्रशासन की टीम और स्थानीय एसडीआरएफ यूनिट ने तुरंत रेस्क्यू कार्य शुरू किया। अब तक 4-5 शव नदी से बरामद किए जा चुके हैं और उन्हें नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया गया है। घायलों को खंडवा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

जिलाधिकारी ने बताया कि ड्रोन और गोताखोरों की मदद से नदी में सर्च ऑपरेशन जारी है। उन्होंने बताया कि लापता लोगों की संख्या 10 से अधिक हो सकती है, जिसमें कई बच्चे भी शामिल हैं। प्रशासन ने सभी स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे इस समय सावधानी बरतें और बचाव कार्य में सहयोग करें। स्थानीय ग्रामीण भी बचाव कार्य में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। उन्होंने नावों और रस्सियों का इस्तेमाल कर लापता लोगों को खोजने में मदद की। ग्रामीणों ने बताया कि नदी के तेज बहाव और पानी की गहराई के कारण बचाव कार्य काफी चुनौतीपूर्ण है।

पुलिस और प्रशासन की टीम ने दुर्घटना स्थल को सुरक्षित कर दिया है। अधिकारियों ने कहा कि हादसे की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ट्रॉली में लोगों की अधिक संख्या और पुलिया की संरचना इस हादसे का कारण बनी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुलिया पुराने समय की बनी हुई है और भारी वाहन और लोगों की अधिक संख्या के कारण यह दुर्घटना हुई। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि भविष्य में ऐसे स्थानों पर सुरक्षा इंतजामों को मजबूत किया जाए।

इस हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। दशहरा का पावन पर्व जहां बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है, वहीं यह घटना परिवारों के लिए दुख और त्रासदी लेकर आई। मृतकों में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। प्रशासन ने सभी मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए सड़क सुरक्षा और नदी पुलों की संरचना पर ध्यान देना बेहद आवश्यक है। उन्होंने अपील की है कि नदी के पास भारी वाहनों और भीड़ भरी ट्रॉली के संचालन पर नियंत्रण रखा जाए।

एसडीआरएफ और पुलिस की टीम लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई है। अधिकारियों ने बताया कि तेज बहाव और नदी की गहराई के कारण खोज कार्य समय लेने वाला है। स्थानीय प्रशासन ने जिला अस्पताल में आपातकालीन टीम तैनात कर दी है ताकि घायलों का तुरंत उपचार किया जा सके। इस हादसे ने लोगों में सड़क और जल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। प्रशासन और ग्रामीण मिलकर काम कर रहे हैं ताकि जल्द से जल्द लापता लोगों को खोजा जा सके और मृतकों के परिजनों को न्याय और मुआवजा मिल सके।
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