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पतियों से अलग होकर 2 महिलाओं ने आपस में रचाई शादी, बन गए जीवनसाथी

Nilmani Pal
14 May 2025 6:31 AM IST
पतियों से अलग होकर 2 महिलाओं ने आपस में रचाई शादी, बन गए जीवनसाथी
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यूपी। बदायूं के कचहरी परिसर का शिव मंदिर एक अनोखी शादी का गवाह बना। यहां दो सहेलियों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाकर साथ जीने-मरने की कसमें खाईं। दोनों ने कहा कि अब हमने तय किया है कि पति-पत्नी की तरह एक-दूसरे का जीवनभर साथ निभाएंगे। इसमें एक युवती अलापुर थाना क्षेत्र की है जबकि दूसरी सिविल लाइंस कोतवाली इलाके की रहने वाली है। दोनों की मुलाकात करीब तीन महीने पहले कचहरी परिसर में एक अधिवक्ता के चेंबर में हुई थी। मुलाकात के बाद बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ, जो जल्द ही गहरी दोस्ती में बदला और फिर रिश्ते ने शादी का रूप ले लिया। दोनों युवतियां शादीशुदा हैं और पतियों से धोखा मिलने पर रिश्ता टूट गया, जिससे वे मानसिक रूप से टूट गईं। उन्होंने कहा कि पुरुषों ने उनका इस्तेमाल किया और छोड़ दिया। इससे आहत होकर उन्होंने एक-दूसरे को जीवनसाथी बनाने का फैसला किया।

इनमें से जो युवती पति बनी है, उसका नाम प्यार से गोलू (कालपनिक नाम) रखा गया है, जबकि पत्नी बनी युवती को विभा (कालपनिक नाम) नाम दिया गया है। दोनों ने हाईस्कूल तक पढ़ाई की है। गोलू पहले पश्चिमी दिल्ली में बेबी केयर का काम करती थी जबकि विभा देहरादून की एक सिक्योरिटी कंपनी में नौकरी कर चुकी है। दोनों फिलहाल बदायूं में हैं और शादी के बाद भविष्य की जिम्मेदारियां मिलकर निभाने को तैयार हैं।

दोनों का कहना है कि उन्होंने परिवारवालों को अपने फैसले से अवगत करा दिया है। अगर परिवार साथ देता है तो ठीक, नहीं तो वे दिल्ली में रहकर मेहनत-मजदूरी कर गुजर-बसर करेंगी। इस अनोखी शादी की खबर कचहरी परिसर में चर्चा का विषय बनी रही। कुछ लोग इसे दो टूटे हुए दिलों का साहसी फैसला बता रहे हैं, तो कुछ इसके सामाजिक व कानूनी पहलुओं पर भी चर्चा कर रहे हैं। एडवोकेट दिवाकर वर्मा ने बताया कि युवतियां उनके चेंबर में आईं और अपनी मर्जी से शादी की इच्छा जताई। इस पर कानूनी सहमति के लिए एग्रीमेंट तैयार कराया गया, जिस पर दोनों ने दस्तखत किए। इसके बाद शिव मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह की रस्में पूरी कर ली गईं।

कचहरी परिसर में दो युवतियों ने तमाम सामाजिक बंधनों को तोड़ते हुए एक-दूसरे से विवाह कर लिया। मंदिर में वरमाला पहनाकर सात फेरे लेते हुए उन्होंने साथ जीने-मरने की कसम खाई। उनका कहना है कि मर्दों ने हमेशा उन्हें धोखा दिया, उत्पीड़न और जख्मों के सिवाय कुछ नहीं मिला। अब वे एक-दूसरे का सहारा बनकर जीवन बिताना चाहती हैं। कचहरी परिसर में मंदिर में दो युवतियों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाकर शादी की। उनका कहना है कि अगर परिवार वाले उनका निर्णय स्वीकार करते हैं तो ठीक है, लेकिन यदि परिवार इसका विरोध करता है, तो वे दिल्ली में एक साथ रहकर अपनी जिंदगी बिताएंगी। दोनों ने खुलासा किया कि उन्होंने एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का फैसला इस लिए लिया, क्योंकि उन्हें मर्दों से धोखा मिला है और अब वे एक-दूसरे का सहारा बनकर आगे बढ़ना चाहती हैं।


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