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Delhi दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मणिपुर में सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, 1958 यानी AFSPA के तहत ‘अशांत क्षेत्र’ की घोषणा अगले छह महीने के लिए बढ़ा दी है। नया आदेश 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा और छह महीने तक लागू रहेगा, जब तक इसे इससे पहले वापस नहीं लिया जाता। हालांकि राज्य के पांच जिलों में आने वाले 13 पुलिस थाना क्षेत्रों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है।
AFSPA से बाहर रखे गए पुलिस थाना क्षेत्रों में इम्फाल, लैम्फेल, सिटी, सिंगजामेई, पटसोई, वांगोई, पोरोमपट, हेइंगांग, इरीलबुंग, थोउबल, बिष्णुपुर, नामबोल और काकचिंग शामिल हैं। ये थाना क्षेत्र इम्फाल पश्चिम, इम्फाल पूर्व, थोउबल, बिष्णुपुर और काकचिंग जिलों में आते हैं।
गृह मंत्रालय का यह फैसला मणिपुर में मौजूदा कानून-व्यवस्था और सुरक्षा परिस्थितियों की समीक्षा के बाद लिया गया है। अधिसूचना के मुताबिक, छूट वाले 13 थाना क्षेत्रों को छोड़कर पूरे मणिपुर को AFSPA की धारा 3 के तहत ‘अशांत क्षेत्र’ माना जाएगा।
AFSPA सुरक्षा बलों को घोषित अशांत क्षेत्रों में विशेष अधिकार प्रदान करता है। मणिपुर में लंबे समय से सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए अलग-अलग क्षेत्रों में यह कानून लागू रहा है और समय-समय पर इसकी समीक्षा की जाती रही है। नए आदेश के बाद स्पष्ट हो गया है कि 1 अक्टूबर 2026 से अगले छह महीने तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में AFSPA लागू रहेगा, जबकि निर्धारित 13 पुलिस थाना क्षेत्रों को इससे बाहर रखा जाएगा।
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