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पाकिस्तान के खिलाफ काबुल ने दर्ज कराया विरोध
Kabul काबुल। अफगानिस्तान में पाकिस्तान के एयरस्ट्राइक में महिलाओं और बच्चों समेत 13 आम लोग मारे गए। संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) ने गुरुवार को पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के बाद तनाव कम करने और स्थायी युद्धविराम की अपनी अपील दोहराई। यूएन मिशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा बयान में लिखा, "यूएनएएमए ने 9-10 जून की रात को पूर्वी अफगानिस्तान के खोस्त, कुनार और पक्तिका प्रांतों में किए गए एयरस्ट्राइक में 13 आम लोगों की मौत और 10 घायलों की जानकारी दर्ज की है, इनमें ज्यादातर बच्चे और औरतें थीं। यूएनएएमए ने तनाव कम करने, एक मजबूत युद्धविराम, आम लोगों की सुरक्षा, बॉर्डर क्रॉसिंग को फिर से खोलने, खासकर मानवीय मदद के लिए और मतभेदों को सुलझाने के लिए बातचीत की अपनी अपील दोहराई है।"
अफगानिस्तान में अमेरिका के पूर्व राजदूत जल्माय खलीलजाद ने पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की हिंसा से दोनों देशों के बीच तनाव कम नहीं होगा। उन्होंने इस्लामाबाद के मौजूदा तरीके को भी नाकाम बताया और गंभीर कूटनीतिक बातचीत की मांग की। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, "पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर फिर से हमला किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बच्चों समेत कई आम लोग मारे गए। मैं इस हमले की निंदा करता हूं, जैसा कि मैंने पिछले हमलों की भी की है, जिनमें आम लोग मारे गए थे। इस तरह की हिंसा से दोनों देशों के बीच की समस्या हल नहीं होगी। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान टीटीपी को पनाह और समर्थन देता है और अफगानिस्तान का आरोप है कि इस्लामाबाद आईएसआईएस-के को पनाह और समर्थन देता है।
उन्होंने आगे कहा, "एक बातचीत वाले समझौते की जरूरत है, जिसमें दोनों पक्ष यह वादा करें कि वे अपने इलाके का इस्तेमाल समूह या लोगों को दूसरे की सुरक्षा को खतरा पहुंचाने के लिए नहीं करने देंगे और इसकी निगरानी कोई भरोसेमंद तीसरा पक्ष करेगा। पाकिस्तान की मौजूदा नीति विफल हो गई है। अब गंभीर बातचीत और कूटनीति का समय आ गया है। अफगान विदेश मंत्रालय ने बुधवार को काबुल में पाकिस्तान के चार्ज डी'एफेयर्स (सीडीए) को अफगानिस्तान के एयरस्पेस के उल्लंघन और घरों पर पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक पर कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिए बुलाया।
अफगान मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान ने काबुल में पाकिस्तानी दूतावास के चार्ज डी'एफेयर्स को बुलाया और उन्हें अफगानिस्तान के एयरस्पेस के उल्लंघन और बेगुनाह आम लोगों के घरों पर बमबारी के बारे में अपना कड़ा विरोध जताया। अफगान मंत्रालय ने हमले की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों और कानूनों का उल्लंघन बताया। इसके साथ ही इस बात पर जोर दिया कि अपने इलाके की रक्षा करना और अपने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी कानूनी जिम्मेदारी है।
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