संविधान और कानून के तहत दोषियों पर होगी कार्रवाई : गौरव वल्लभ

वक्फ संशोधन बिल को बंगाल में लागू नहीं करने के मुख्यमंत्री एवं टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के बयान पर उन्होंने कहा, "संसद से पास हुए हुए बिल को देश के एक राज्य की मुख्यमंत्री कहती है कि मैं इसको लागू नहीं करूंगी तो इससे ज्यादा गैर संवैधानिक गैर लोकतांत्रिक और संविधान पर चोट करने वाली बात कोई नहीं है।" उन्होंने कहा, ममता बनर्जी ने साफ कर दिया कि बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान पर उनका कोई विश्वास नहीं है। ममता बनर्जी उस दल को रिप्रेजेंट कर रही, जिस दल के एमपी संसद में थे। संसद में वोटिंग से पास हुए बिल को ममता बनर्जी नहीं मानतीं। यह संविधान विरोधी और बाबा साहेब अंबेडकर के सिद्धांतों पर चोट करने वाली बात है। यह लोकतंत्र पर प्रहार करने वाली बात है।" उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में वक्फ कानून को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के मुस्लिम समुदाय को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उनकी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
ममता ने अपने संबोधन में कहा, "हम बंगाल में वक्फ बिल लागू नहीं होने देंगे। मेरी सरकार धार्मिक आधार पर बंगाल का विभाजन नहीं होने देगी। मैं जानती हूं कि वक्फ अधिनियम के लागू होने से आप दुखी हैं, मगर भरोसा रखें, बंगाल में ऐसा कुछ नहीं होगा। बंगाल में 'फूट डालो और राज करो' की नीति नहीं चलेगी। आपको 'जियो और जीने दो' का संदेश देना चाहिए। बंगाल में रहने वालों को सुरक्षा देना हमारा काम है। मैं आप सभी से अपील करता हूं कि अगर कोई आपको राजनीतिक रूप से इकट्ठा होने के लिए उकसाता है, तो कृपया ऐसा न करें। कृपया याद रखें कि दीदी आपकी और आपकी संपत्ति की रक्षा करेंगी। अगर हम साथ रहेंगे, तो हम दुनिया जीत सकते हैं।"





