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इमिग्रेशन नियमों की अनदेखी पर एयर इंडिया पर एक्शन

Tara Tandi
22 Sept 2026 5:42 PM IST
इमिग्रेशन नियमों की अनदेखी पर एयर इंडिया पर एक्शन
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नई दिल्ली: नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने एयर इंडिया के एक कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई सुरक्षा और इमिग्रेशन में हुई उस चूक के बाद की गई है, जिसके कारण तीन विदेशी नागरिक ज़रूरी इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी किए बिना ही इंटरनेशनल फ़्लाइट में सवार हो गए थे।
यह घटना इस महीने की शुरुआत में हुई थी। इसमें तीन इटैलियन नागरिक शामिल थे जो भारत के 'हब-एंड-स्पोक' एविएशन मॉडल के तहत अमृतसर से दिल्ली होते हुए म्यूनिख जा रहे थे।
खबरों के मुताबिक, यात्री ज़रूरी इमिग्रेशन मंज़ूरी लिए बिना ही दिल्ली-म्यूनिख फ़्लाइट में सवार हो गए थे, जिसके बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
इस मामले पर बात करते हुए नायडू ने कहा कि जांच में पाया गया कि यात्रियों को एयरपोर्ट के तय रास्तों से ले जाने के लिए ज़िम्मेदार एयर इंडिया के कर्मचारी ने तय प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया था। दोषी पाए जाने के बाद उस कर्मचारी को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया।
मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि हालांकि सरकार हवाई यात्रा को आसान बनाकर यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन एयरपोर्ट की सुरक्षा और इमिग्रेशन प्रक्रियाओं से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद इंटरनेशनल कनेक्टिंग यात्रियों से जुड़ी ऑपरेशनल प्रक्रियाओं की विस्तृत समीक्षा की गई है।
इस चूक के बाद, मंत्रालय ने एयर इंडिया के साथ बातचीत की और यात्रियों की पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा उपायों की जांच की। अधिकारी अब एक मल्टी-लेयर्ड (कई स्तरों वाली) वेरिफिकेशन सिस्टम पर काम कर रहे हैं ताकि यह पक्का किया जा सके कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। सिर्फ़ एक चेकपॉइंट पर निर्भर रहने के बजाय, नए सिस्टम में यात्रा प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों में कई स्तरों पर जांच शामिल होने की उम्मीद है।
इस समीक्षा में यात्रियों को संभालने के मुख्य पहलुओं को शामिल किया गया है, जैसे बोर्डिंग पास जारी करना, यात्रियों का रूट तय करना, एयरपोर्ट के अंदर उन्हें अलग-अलग करना और उनकी आवाजाही, साथ ही 'डिजीयात्रा' (DigiYatra) सिस्टम की भूमिका। अधिकारी ट्रांसफर पॉइंट पर एयरलाइन और ग्राउंड-हैंडलिंग स्टाफ़ द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं का भी मूल्यांकन कर रहे हैं।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब सरकार अपने 'हब-एंड-स्पोक' मॉडल का विस्तार कर रही है, जिसे क्षेत्रीय शहरों के यात्रियों के लिए इंटरनेशनल यात्रा को आसान बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
इस सिस्टम के तहत, यात्री दिल्ली जैसे बड़े हब से इंटरनेशनल फ़्लाइट पकड़ने से पहले अपने शुरुआती एयरपोर्ट पर ही इमिग्रेशन और कस्टम्स की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
यह मॉडल अभी अमृतसर, वाराणसी और अहमदाबाद जैसे शहरों में चल रहा है और यह भारत की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है जिसका मकसद नॉन-मेट्रो जगहों से कनेक्टिविटी बेहतर करते हुए ग्लोबल एविएशन हब के तौर पर अपनी स्थिति को मज़बूत करना है।
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