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बालू माफिया से आरोपी DSP निकला करोड़पति, तीन ठिकानों पर छापेमारी से हुआ खुलासा

Kunti
4 Sep 2021 6:06 PM GMT
बालू माफिया से आरोपी DSP निकला करोड़पति, तीन ठिकानों पर छापेमारी से हुआ खुलासा
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बालू के अवैध उत्खनन और बालू माफियाओं से सांठगांठ के आरोपी बिहार पुलिस के डीएसपी पंकज कुमार रावत भी करोड़पति निकले हैं.

पटना. बालू के अवैध उत्खनन और बालू माफियाओं (Sand Mafia) से सांठगांठ के आरोपी बिहार पुलिस (Bihar Police) के डीएसपी पंकज कुमार रावत भी करोड़पति निकले हैं. बालू माफियाओं से सांठगांठ कर जबरदस्त अवैध कमाई करने वाले पंकज रावत ने पटना (Patna) से ले कर हरियाणा तक कई प्रॉपर्टी खरीदे हैं. उन्होंने अपनी काली कमाई से रियल स्टेट (Real Estate) से लेकर बीमा पॉलिसी तक में भी खूब निवेश किया. शनिवार को आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम ने पंकज रावत के तीन ठिकानों पर छापेमारी की जिससे इन बातों का खुलासा हुआ.

आर्थिक अपराध इकाई के सूत्रों के अनुसार पंकज रावत ने पटना के दीघा बगीचा इलाके में जमीन का प्लॉट, एस.के पुरी थाना क्षेत्र के श्रीकृष्णापुरी में एक अपार्टमेंट में फ्लैट, दानापुर की शताब्दी मॉल में दो दुकानें और दिल्ली से सटे हरियाणा के फरीदाबाद में एक फ्लैट ले रखा है. इसके अलावा डीएसपी ने बीमा कंपनियां एलआईसी और बजाज एलियांज में भी निवेश किया है. डीएसपी के प्रॉपर्टी के डाक्यूमेंट जांच टीम के हाथ लगे हैं. साथ ही डीएसपी द्वारा अवैध तरीके से अर्जित की गई संपत्ति और दूसरे निवेश अपनी पत्नी और परिवार के दूसरे सदस्यों के नाम पर रखा है. हर सरकारी कर्मचारी को बिहार सरकार को हर साल प्रॉपर्टी डिक्लेरेशन देना होता है लेकिन डीएसपी पंकज रावत ने इससे जुड़ी बहुत सारी जानकारियां नहीं दी हैं. उन्होंने कई तथ्यों को छिपा कर रखा.

इओयू की टीम ने बरामद प्रॉपर्टी के डिटेल और इन्वेस्टमेंट का मिलान सरकार को दिए हैं. प्रॉपर्टी डिक्लेरेशन जब किया तब जांच टीम हैरान रह गई. एडीजी की मानें तो छापेमारी के दौरान आर्थिक अपराध इकाई की टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं. वो इसकी पड़ताल कर रही है. निलंबित डीएसपी पंकज रावत आरा सदर एसडीपीओ के पहले मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, वैशाली, भभुआ (कैमूर) और खगड़िया जैसे जिलों में भी रहे हैं जब उन्होंने अवैध कमाई कर के भारी मात्रा में संपत्ति अर्जित की.

पंकज कुमार रावत के ऊपर सरकार की लंबे समय से नजर रही थी. बिचौलियों और बालू माफियाओं के साथ उनके संबंध अच्छे थे, इस वजह से सरकार ने उनके खिलाफ अपनी इंटरनल जांच भी करवाई थी. रिपोर्ट पॉजिटिव मिली जिसके बाद तीन सितंबर को इओयू, पटना ने आय से अधिक संपत्ति के लिए एफआईआर दर्ज कर ली थी. कोर्ट से सर्च वारंट मिलने के बाद आरोपी पंकज कुमार रावत के पटना के श्रीकृष्णापुरी और दानापुर के नासरीगंज स्थित आवास के अलावा उनके पैतृक जिले नालंदा के हिलसा के घर पर भी छापेमारी की गई. इओयू डीएसपी के नेतृत्व में की गई इस छापेमारी के बाद मिले साक्ष्यों और कागजातों को खंगालने में और विश्लेषण करने में आर्थिक अपराध इकाई की टीम जुट गई है.
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