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सैन्य सम्मान के साथ अभिषेक कुमार का अंतिम संस्कार, काला पीलिया से हुई मौत

Shantanu Roy
17 May 2026 2:54 PM IST
सैन्य सम्मान के साथ अभिषेक कुमार का अंतिम संस्कार, काला पीलिया से हुई मौत
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Hamirpur. हमीरपुर। हमीरपुर जिले की ग्राम पंचायत टपरे के गांव नोहगी के जवान अभिषेक कुमार का रविवार को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सुबह जैसे ही उनकी पार्थिव देह गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। तिरंगे में लिपटी पार्थिव देह को देख परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया।
कुछ समय तक पार्थिव देह को घर के आंगन में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जिसके बाद अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले जाया गया। इस दौरान “भारत माता की जय” और “तेरा वैभव अमर रहे मां” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। अंतिम संस्कार में सैन्य सम्मान के साथ जवान को विदाई दी गई। बड़े भाई अरुण ने उन्हें मुखाग्नि दी। जानकारी के अनुसार अभिषेक कुमार का निधन काला पीलिया (हेपेटाइटिस) से पीड़ित होने के कारण हुआ। वह मात्र 26 वर्ष के थे और दिल्ली स्थित आरआर अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। अभिषेक वर्ष 2017 में सेना में भर्ती हुए थे और देश सेवा में लगातार कार्यरत थे। वर्ष 2024 में उनका विवाह हुआ था।
परिजनों के अनुसार, करीब एक महीने पहले ही वह छुट्टी पूरी कर ड्यूटी पर हिसार लौटे थे। वहां अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और खून की उल्टी व दस्त की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक जांच में काला पीलिया की पुष्टि हुई, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में आरआर अस्पताल दिल्ली रेफर किया गया था। उपचार के दौरान उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती गई और शनिवार सुबह उनका निधन हो गया। जवान की असमय मौत से परिवार और गांव में शोक का माहौल है। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, पूर्व सैनिक और स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से जवान को श्रद्धांजलि दी। गांव के लोगों ने कहा कि अभिषेक कुमार शांत स्वभाव के और कर्तव्यनिष्ठ सैनिक थे, जिन्होंने बहुत कम उम्र में देश सेवा में अपना योगदान दिया।
सुजानपुर के विधायक कैप्टन रंजीत सिंह ने भी जवान के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अभिषेक कुमार के पिता जनक राज भी कैप्टन पद से सेवानिवृत्त हैं। ऐसे में परिवार ने देश सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में अभिषेक का जाना पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। गांव नोहगी में अंतिम विदाई के समय हर आंख नम थी और माहौल पूरी तरह शोक में डूबा रहा। स्थानीय लोगों ने सरकार और प्रशासन से परिवार को हर संभव सहायता देने की मांग की है।
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