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आरोप-प्रत्यारोप तेज
Bengal बंगाल: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इस कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा है कि अगर कोई निर्माण अवैध है तो उसे हटाया जाना चाहिए। बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने अभिषेक बनर्जी के कार्यालय पर हुई कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोई भी अवैध निर्माण नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल कानूनी प्रक्रिया के तहत बने निर्माणों को ही अनुमति मिलनी चाहिए।
सुकांत मजूमदार ने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार के दौरान अभिषेक बनर्जी ने खुद को विशेष अधिकार प्राप्त व्यक्ति की तरह पेश किया। उन्होंने कहा कि कार्यालय के निर्माण में नियमों और अनुमति से जुड़े सवाल उठ रहे थे और जमीन के मालिकाना हक को लेकर भी विवाद था। वहीं, पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने कहा कि सरकार ने सभी दस्तावेजों की जांच के बाद ही कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को लगता है कि कार्रवाई गलत हुई है तो वह अदालत का रुख कर सकता है।
दरअसल, शनिवार को दक्षिण 24 परगना जिले के अमतला इलाके में स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू की। यह कार्यालय अमतला-बरुईपुर रोड पर स्थित बताया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि यह निर्माण बिना जरूरी अनुमति के किया गया था। कार्रवाई से पहले कार्यालय को लेकर नोटिस जारी किया गया था। शनिवार सुबह बड़ी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर मौके पर पहुंचा और निर्माण को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। इस कार्रवाई के बाद बंगाल की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। टीएमसी की ओर से इस मामले पर प्रतिक्रिया का इंतजार है, जबकि बीजेपी इसे नियमों के पालन से जुड़ी कार्रवाई बता रही है। वहीं, पूरा मामला अब राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है।
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