अभिजीत दीपके ने PM मोदी के नए वीडियो का उड़ाया मजाक, आपकी त्वचा देश के भविष्य से ज्यादा चमकदार

दिल्ली। लोकसभा के बाद गुरुवार को राज्यसभा ने भी एंटी-पेपर लीक संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी। अब इस विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति के अनुमोदन के बाद यह कानून बन जाएगा। इसमें प्रश्न पत्र लीक करने के अपराध में दस साल तक की सजा और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। इस संशोधन विधेयक के पारित होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने एक वीडियो संदेश जारी किया। उनके इस वीडियो पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने तीखा तंज कसा है। इस दौरान दीपके ने उनकी त्वचा के रंग का मजाक उड़ाया। गुरुवार को पीएम मोदी द्वारा पोस्ट किए गए एक सेल्फी वीडियो में इस विधेयक को एक विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया और कहा कि पेपर माफिया को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार तकनीक और सख्त कानूनों के माध्यम से परीक्षा प्रणाली में सुधार जारी रखेगी। प्रधानमंत्री के इस वीडियो पर इंस्टाग्राम पर टिप्पणी करते हुए अभिजीत दीपके ने लिखा, "आपकी त्वचा देश के भविष्य से ज्यादा चमकदार है।"
Parliament passes a Bill that makes our examination system more robust! pic.twitter.com/OEvLKXoUaf
— Narendra Modi (@narendramodi) July 30, 2026
आपको बता दें कि विधेयक पर करीब सात घंटे तक चर्चा चली। इस दौरान वामदलों और डीएमके के प्रस्तावित संशोधनों को ख़ारिज कर दिया गया। चर्चा का जवाब देते हुए कार्मिक मामलों के मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह विधेयक सरकार की उस मंशा को दर्शाता है, जिसमे पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने की प्रतिबद्धता है।
एनटीए के खिलाफ बोलने वाले विपक्षी दलों से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि हमें यह ध्यान में रखना होगा कि देश में ज्यादातर पेपर लीक के मामले राज्य की एजेंसियों द्वारा कराई गई परीक्षाओं से जुड़े हैं और ज्यादातर में एनटीए की भूमिका नहीं है। उन्होंने सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि मोदी सरकार छात्रों के प्रति संवेदनशील है। सरकार का दावा है कि यह कानून केवल दोषियों को कड़ी सजा देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने और छात्रों का परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाएगा। इस सप्ताह संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित यह पेपर-लीक रोधी संशोधन विधेयक 2024 के मूल कानून को और मजबूत करता है। परीक्षा में धोखाधड़ी और धांधली के लिए जेल की सजा और जुर्माने की राशि बढ़ा दी गई है। मामलों की समयबद्ध जांच अनिवार्य की गई है। राज्यों को पेपर लीक मामलों के निपटारे के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्देश दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि यह कानून इस वर्ष नए सिरे से लगे पेपर लीक के आरोपों के बाद लाया गया था, जिसके चलते बड़े पैमाने पर छात्र आंदोलन हुए थे। इन प्रदर्शनों के परिणामस्वरूप धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था, जिसके बाद प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का प्रभार संभाला।





