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11 केवी लाइन तार की करंट लगने से युवक की दर्दनाक मौत

Shantanu Roy
14 Aug 2025 5:20 PM IST
11 केवी लाइन तार की करंट लगने से युवक की दर्दनाक मौत
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जांच में जुटी पुलिस
Jalore. जालोर। जिले के बागोड़ा थाना क्षेत्र के मोरसीम गांव में बुधवार शाम 33 वर्षीय मुस्ताक खान करंट की चपेट में आकर जान गंवा गए। घटना का समय शाम 6:52 बजे बताया गया है। मृतक घर से सब्जी लेने निकले थे और करंट लगने के बाद कुछ देर तक तड़पते रहे, इसके बाद उनकी मृत्यु हो गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें मुस्ताक को करंट लगने के बाद तड़पते हुए देखा जा सकता है। परिजनों के अनुसार, मुस्ताक खान मजदूरी करते थे और उनके एक दो साल की बेटी है। मृतक के चचेरे भाई
हबीब खान
ने बताया कि गांव में पिछले 10 दिनों से 11 केवी की नई लाइन डालने का काम चल रहा था। लगभग पांच दिन पहले प्लाट के सामने ट्रांसफॉर्मर लगाने को लेकर विवाद हो गया था, जिससे काम रोक दिया गया। डिस्कॉम कर्मचारियों ने तारों में करंट नहीं होने के कारण 11 केवी लाइन के तारों को घर के बाहर बिजली पोल के पास रखा। बुधवार शाम मुस्ताक खान जैसे ही घर से बाहर आए, तारों की चपेट में आ गए और करंट दौड़ गया। करंट लगने के बाद उनके शरीर से खून निकलने लगा। ग्रामीणों और परिजनों ने उन्हें तुरंत बागोड़ा अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद मृतक के परिजन गुरुवार सुबह 8:30 बजे से बागोड़ा सरकारी हॉस्पिटल के बाहर धरने पर बैठ गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि तारों में करंट होने के बावजूद डिस्कॉम कर्मचारियों ने उन्हें खुला छोड़ दिया, जिससे मुस्ताक की जान चली गई। परिजन ने दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। इस मामले में बागोड़ा डिस्कॉम के एईएन गीगाराम का कहना है कि विवाद के कारण पांच दिन से काम रुका हुआ था। लाइन जुड़ी नहीं थी, इसलिए तारों में करंट नहीं होना चाहिए था। लेकिन हवा की वजह से लाइन बार-बार छू रही थी, जिससे उसमें करंट दौड़ गया और हादसा हुआ। गीगाराम ने कहा कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा और लापरवाही
परिवार और ग्रामीणों का आरोप है कि यदि तारों को सुरक्षित तरीके से समेटा जाता और जगह पर चेतावनी दी जाती, तो मुस्ताक की जान बच सकती थी। हादसे ने क्षेत्र में डिस्कॉम की लापरवाही और सुरक्षा उपायों की कमी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। लोगों ने प्रशासन और डिस्कॉम अधिकारियों की लापरवाही को लेकर चिंता जताई है। ग्रामीण और स्थानीय संगठन सुरक्षा नियमों के पालन और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
आगे की कार्रवाई
स्थानीय पुलिस और डिस्कॉम प्रशासन ने मिलकर जांच शुरू कर दी है। परिजन चाहते हैं कि मामले में हत्या के आरोप तय किए जाएं और दोषियों को कड़ी सजा मिले। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी पहलुओं की पूरी जांच की जाएगी और यदि कोई लापरवाही पाई गई तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुस्ताक खान के परिवार में पत्नी और एक नन्ही बेटी हैं। हादसे ने परिवार की स्थिति को और कठिन बना दिया है। स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन परिवार की आर्थिक मदद और न्याय दिलाने के लिए प्रशासन से अपील कर रहे हैं। जालोर में यह घटना बिजली सुरक्षा और डिस्कॉम की लापरवाही की गंभीर मिसाल है। 11 केवी लाइन के खुले तारों ने एक परिवार से पिता की जान छीन ली। प्रशासन और डिस्कॉम अधिकारियों को अब सख्त सुरक्षा उपाय अपनाने और दोषियों पर कार्रवाई करने की जरूरत है।
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