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मां नंदा-सुनंदा के दर्शन को उमड़े भक्त
Nainital नैनीताल: सरोवर नगरी नैनीताल में आयोजित नंदा देवी महोत्सव में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। मां नंदा-सुनंदा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंच रहे हैं। सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लग गईं और पूरा क्षेत्र मां के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
नंदा देवी महोत्सव उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हर साल इस आयोजन का श्रद्धालुओं को बेसब्री से इंतजार रहता है। महोत्सव के दौरान मां नंदा और सुनंदा की प्रतिमाओं के दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है। स्थानीय लोगों के साथ दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी मां के दरबार में मत्था टेका और आशीर्वाद लिया।
मंदिर में सुबह से ही पूजा-अर्चना का क्रम शुरू हो गया था। श्रद्धालु हाथों में फूल, प्रसाद और पूजा सामग्री लेकर मंदिर पहुंचे। भक्तों ने मां नंदा-सुनंदा के दर्शन किए और पारंपरिक तरीके से पूजा की। इस दौरान मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन भी किया गया। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। महोत्सव के दौरान नैनीताल का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। मंदिर के आसपास के क्षेत्र को आकर्षक तरीके से सजाया गया है। धार्मिक कार्यक्रमों के साथ उत्तराखंड की लोक संस्कृति की झलक भी महोत्सव में देखने को मिल रही है। स्थानीय कलाकारों और विभिन्न सांस्कृतिक दलों की प्रस्तुतियां आयोजन को और खास बना रही हैं।
नंदा देवी को उत्तराखंड में कुलदेवी और लोकदेवी के रूप में विशेष सम्मान प्राप्त है। कुमाऊं क्षेत्र में मां नंदा की आराधना की परंपरा सदियों पुरानी मानी जाती है। यही कारण है कि नंदा देवी महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि पहाड़ की संस्कृति और सामाजिक परंपराओं से जुड़ा बड़ा उत्सव भी है। इसमें स्थानीय लोगों की भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिलती है। महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था भी महत्वपूर्ण बनी हुई है। मंदिर आने-जाने वाले रास्तों पर भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। आयोजन से जुड़े स्वयंसेवक भी श्रद्धालुओं की सहायता कर रहे हैं, ताकि दर्शन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
मां नंदा-सुनंदा के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कई परिवार बच्चों और बुजुर्गों के साथ मंदिर पहुंचे। लोगों ने मां के सामने दीप जलाकर अपनी मनोकामनाएं रखीं। महोत्सव के चलते नैनीताल में धार्मिक पर्यटन की रौनक भी बढ़ गई है। नंदा देवी महोत्सव आस्था के साथ पहाड़ी संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक एकता का संदेश देता है। मां नंदा-सुनंदा के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं का उत्साह पूरे आयोजन को भव्य बना रहा है।
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