भारत
गजब सियासी तस्वीर देखने को मिली, भाजपा-कांग्रेस ने मिलाया हाथ
jantaserishta.com
7 Jan 2026 11:14 AM IST

x
बड़ी खबर.
अंबरनाथ: क्या इस बात की कल्पना की जा सकती है कि देश की सियासत के दो ध्रुव भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस साथ आ जाएं और मिलकर सरकार बना लें. अधिकतर लोगो का जवाब यही होगा कि यह महज एक कोरी कल्पना है, जिसका यथार्थ या किसी वास्तविकता से कोई नाता नहीं, कोई संभावना नहीं है. लेकिन अगर हम कहें कि ऐसा हुआ है, तो?
ऐसा ही कुछ हुआ है महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव में, जहां एक नगर परिषद की सत्ता के लिए धुर विरोधी बीजेपी और कांग्रेस साथ आ गए हैं. ऐसा हुआ है महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगर परिषद में. देशभर में कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा देने वाली बीजेपी ने अंबरनाथ में सीधे कांग्रेस के साथ हाथ मिलाकर सत्ता का रास्ता चुना है.
बीजेपी और कांग्रेस के इस अप्रत्याशित गठबंधन के पीछे एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना (शिंदे) को सत्ता से दूर रखने की मंशा को वजह बताया जा रहा है. बीजेपी ने कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया और अब वह इस गठबंधन के दम पर अंबरनाथ नगर परिषद में स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ती नजर आ रही है.
अंबरनाथ नगर परिषद में बीजेपी की तेजश्री करंजुले नगर परिषद अध्यक्ष चुनाव में विजयी हुई हैं. इस नगर परिषद में बीजेपी के 16, कांग्रेस के 12 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के चार पार्षदों को मिलाकर सत्तापक्ष के पास 32 पार्षदों का समर्थन है. कांग्रेस के 12 पार्षदों को हटा दें तो बीजेपी की अध्यक्ष के साथ 20 पार्षदों का समर्थन था, जो बहुमत के आंकड़े से बहुत कम था. अब बीजेपी की नगर परिषद अध्यक्ष के पास स्पष्ट बहुमत हो गया है, जो नगर के सदन में कामकाज के सुचारू संचालन के लिहाज से भी जरूरी था.
अंबरनाथ में कांग्रेस के साथ बीजेपी के गठबंधन को लेकर शिवसेना (शिंदे) के नेताओं में नाराजगी है. एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली पार्टी ने इसे अभद्र गठबंधन बताते हुए सूबे की सत्ता में अपनी सहयोगी बीजेपी पर तीखा हमला बोला है. शिवसेना (शिंदे) के विधायक डॉक्टर बालाजी किनीकर ने बीजेपी-कांग्रेस गठबंधन को शिवसेना के साथ विश्वासघात बताया है. उन्होंने कहा है कि कांग्रेस मुक्त भारत की बात करने वाली बीजेपी का अंबरनाथ की सत्ता के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन करना शिवसेना (शिंदे) की पीठ में छुरा घोंपने जैसा है.
वहीं, बीजेपी ने शिवसेना (शिंदे) गुट के आरोप सिरे से खारिज कर दिए हैं. बीजेपी उपाध्यक्ष गुलाबराव करंजुले पाटिल ने कहा है कि अगर पिछले 25 वर्षों से भ्रष्टाचार करने वाले शिंदे गुट के साथ अंबरनाथ की सत्ता में बैठते, तो वही असली अभद्र गठबंधन होता. उन्होंने यह भी दावा किया कि अंबरनाथ नगर परिषद में महायुति के लिए शिंदे गुट से कई बार बातचीत करने की कोशिश की गई, लेकिन उनके नेताओं की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली.
एक ओर बीजेपी-कांग्रेस गठबंधन से अंबरनाथ नगर परिषद की सत्ता समीकरण साफ होता दिख रहा है, तो दूसरी ओर इस गठबंधन ने महायुति के भीतर तनाव बढ़ा दिया है. अंबरनाथ में यह गठबंधन अभद्र है या फिर राजनीतिक मजबूरी, इस पर आरोप-प्रत्यारोप और तेज होता जा रहा है. इस गठबंधन पर कांग्रेस के शहर अध्यक्ष प्रदीप पाटिल से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका.
Tagsबीजेपीकांग्रेसमहाराष्ट्रमहाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनावBJPCongressMaharashtraMaharashtra local body elections
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।
Next Story





