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डस्टबिन में मिला एक दिन का नवजात, भूख से बिलख रहा था

Shantanu Roy
29 Oct 2025 4:14 PM IST
डस्टबिन में मिला एक दिन का नवजात, भूख से बिलख रहा था
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जांच में जुटी पुलिस
Bikaner. बीकानेर। राजस्थान के बीकानेर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक दिन के मासूम बच्चे को डस्टबिन में फेंक दिया गया। नवजात भूख से रो रहा था और उसकी करुण पुकार सुनकर एक महिला ने उसकी जान बचाई। यह दर्दनाक मामला श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र के मोमासर बास स्थित गिंधड़ चौक का है। मंगलवार को सुबह स्थानीय लोगों ने जब डस्टबिन से बच्चे के रोने की आवाज सुनी, तो इलाके में हड़कंप मच गया। श्रीडूंगरगढ़ थाने के SHO जितेंद्र कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया। फिलहाल नवजात को अस्पताल के NICU वार्ड में रखा गया है और उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है।
महिला की सूझबूझ से बची जान
नवजात को सबसे पहले देखने वाली महिला मदीना ने बताया कि वह सुबह किसी काम से घर से निकली थी। जैसे ही वह गिंधड़ चौक के पास पहुंची, उसे डस्टबिन की दिशा से किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। पहले तो उसने सोचा कि कोई बिल्ली या जानवर होगा, लेकिन ध्यान से सुनने पर स्पष्ट हुआ कि वह बच्चे की आवाज थी। वह पास गई तो देखा कि कचरे के ढेर के बीच एक बच्चा कपड़े में लिपटा पड़ा था और जोर-जोर से रो रहा था। मदीना ने तुरंत आसपास के लोगों को बुलाया। मौके पर भीड़ जुट गई और सभी ने मिलकर बच्चे को डस्टबिन से बाहर निकाला। इसके बाद सूचना पुलिस और एंबुलेंस को दी गई। पुलिस ने बच्चे को तत्काल श्रीडूंगरगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार किया।
डॉक्टर बोले — “बच्चा बिल्कुल स्वस्थ, उम्र करीब 24 घंटे”
श्रीडूंगरगढ़ अस्पताल के डॉ. एसएस नांगल ने बताया कि जब बच्चा अस्पताल लाया गया, वह पूरी तरह से जीवित था लेकिन भूख के कारण कमजोर लग रहा था। जांच में पाया गया कि बच्चा लगभग 24 घंटे का नवजात है। उसे फिलहाल अस्पताल के NICU में रखा गया है और स्वास्थ्यकर्मी लगातार उसकी निगरानी कर रहे हैं। अस्पताल में मौजूद एक महिला ने बच्चे को दूध पिलाया, जिसके बाद वह कुछ शांत हुआ। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे की हालत अब स्थिर है और किसी गंभीर संक्रमण का खतरा नहीं है।
पुलिस ने जांच शुरू की, सीसीटीवी खंगाले जा रहे
इस घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात महिला या व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, जिसने नवजात को कचरे में फेंका। SHO जितेंद्र कुमार ने बताया कि टीम अब उस स्थान के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। गिंधड़ चौक के आसपास आने-जाने वाले रास्तों की निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस का कहना है कि फुटेज से जल्द ही उस व्यक्ति या महिला की पहचान की जा सकती है, जिसने यह अमानवीय कृत्य किया।
समाज में आक्रोश, लोग बोले — “कैसे कोई इतना निर्दयी हो सकता है?”
घटना की जानकारी जैसे ही इलाके में फैली, लोगों में आक्रोश फैल गया। स्थानीय निवासियों ने कहा कि ऐसा अमानवीय कृत्य समाज के लिए शर्म की बात है। किसी भी परिस्थिति में मासूम की जान को इस तरह खतरे में डालना मानवता के खिलाफ है। लोगों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अस्पताल और प्रशासन ने की सराहना
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने महिला मदीना की सूझबूझ की सराहना की है, जिनकी समय पर की गई कार्रवाई से बच्चे की जान बच गई। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने भी मदीना को सम्मानित करने की मांग की है। फिलहाल बच्चे की सुरक्षा के लिए अस्पताल में विशेष इंतजाम किए गए हैं। यदि परिवार या माता-पिता सामने नहीं आते हैं, तो बाल संरक्षण समिति (CWC) आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगी।
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