
x
SIR की जांच में VIP कनेक्शन सामने आए कई दिग्गजों के रिकॉर्ड पर सवाल
Delhi दिल्ली। मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के तहत जारी नोटिस को लेकर चर्चा तेज हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, SIR की नोटिस सूची में कई बड़े नाम शामिल हैं, जिनमें चुनाव आयुक्त एसएस संधू, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और कई मौजूदा व रिटायर्ड IAS अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इन लोगों को वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और ‘नो मैपिंग’ से जुड़े मामलों को लेकर नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों के रिकॉर्ड का पुराने SIR डेटा से मिलान नहीं हो पाने के कारण यह प्रक्रिया शुरू की गई है।
सूची में विदेश सचिव विक्रम मिस्री, SEBI चेयरमैन तुहिन कांता पांडे, इसके अलावा मत्स्य पालन सचिव अभिलक्ष लिखी और उनकी पत्नी सुकृति लिखी, उर्वरक सचिव रजत कुमार मिश्रा और भूमि संसाधन सचिव नरेंद्र भूषण के नाम भी नोटिस सूची में बताए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन मामलों में पिछली SIR प्रक्रिया के दौरान रिकॉर्ड की मैपिंग पूरी नहीं हो सकी थी।
रिटायर्ड अधिकारियों को भी नोटिस
SIR जांच के दौरान कई सेवानिवृत्त अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं। इनमें नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया, JNU के पूर्व कुलपति और UGC के पूर्व अध्यक्ष एम. जगदीश कुमार, पशुपालन विभाग की पूर्व सचिव अलका उपाध्याय और उपभोक्ता मामलों के पूर्व सचिव रोहित कुमार सिंह शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा CISF की पूर्व महानिदेशक नीना सिंह, रक्षा विभाग के पूर्व सचिव गिरिधर अरमाने और पर्यावरण विभाग की पूर्व सचिव लीना नंदन के नाम भी सूची में होने की जानकारी दी गई है।
राजनीतिक नेताओं के नाम भी शामिल
SIR नोटिस सूची में कुछ राजनीतिक हस्तियों के नाम भी बताए जा रहे हैं। इनमें कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी के अलावा दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों के नाम शामिल होने की बात कही गई है। बताया जा रहा है कि कई मामलों में नामों की स्पेलिंग में अंतर, पुराने रिकॉर्ड से मिलान नहीं होना और दस्तावेजों में अंतर जैसी वजहों से नोटिस जारी किए गए हैं।
रिकॉर्ड सत्यापन की प्रक्रिया
SIR प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची में दर्ज जानकारी का सत्यापन करना और रिकॉर्ड में मौजूद विसंगतियों को दूर करना है। नोटिस मिलने वाले लोगों को संबंधित दस्तावेजों और जानकारी के आधार पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अवसर दिया जाता है। सूची में पूर्व IAS अधिकारी और भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के. संजय मूर्ति का नाम भी शामिल बताया गया है। उनके मामले में माता-पिता के नामों में अंतर पाए जाने के कारण नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
फिलहाल SIR नोटिस को लेकर प्रक्रिया जारी है और संबंधित अधिकारी व व्यक्ति अपने रिकॉर्ड का सत्यापन करा रहे हैं।
यह खबर जनता से रिश्ता की टीम द्वारा पुष्टि या सत्यापन नहीं की गई है। यह समाचार जनसरोकार के माध्यम से प्राप्त जानकारी के आधार पर प्रकाशित किया गया है।
Next Story





