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Kuno National Park. में मादा चीता ने दिए चार शावकों को जन्म

Harrison
11 April 2026 7:52 PM IST
Kuno National Park.  में मादा चीता ने दिए चार शावकों को जन्म
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Telangana तेलंगाना: भोपाल से सामने आई एक महत्वपूर्ण वन्यजीव खबर के अनुसार, मध्य प्रदेश के श्योपुर जिला स्थित कुनो नेशनल पार्क (KNP) में एक मादा चीता ने चार शावकों को जन्म दिया है। यह घटना इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि यह पहली बार है जब भारत में जन्मी किसी मादा चीता ने इसी पार्क के जंगल में अपने बच्चों को जन्म दिया है।
अधिकारियों के अनुसार, यह विकास देश में चीता पुनर्वास कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में अफ्रीका से लाए गए चीतों को कुनो नेशनल पार्क में बसाने का प्रयास किया जा रहा है, और अब उनके प्रजनन की खबरें सामने आ रही हैं।
कुनो नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि साउथ अफ्रीकी मूल की मादा चीता गामिनी, जो अब भारत में रह रही है, अपने चार शावकों के साथ शनिवार को पार्क के जंगल में देखी गई। उन्होंने कहा कि यह दृश्य पार्क के कर्मचारियों के लिए भी खास रहा।
अधिकारियों का कहना है कि मां और उसके शावक पूरी तरह स्वस्थ नजर आए हैं। वन विभाग की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है ताकि उनकी सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित की जा सके। शावकों की उम्र और उनकी गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।
श्योपुर जिला में स्थित इस पार्क को देश में चीतों के पुनर्वास के लिए चुना गया था। यहां के पर्यावरण और वन क्षेत्र को चीतों के अनुकूल माना गया है। पिछले समय में कई चीतों को यहां लाया गया था और अब उनका प्राकृतिक वातावरण में रहना और प्रजनन करना एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि जंगल में इस तरह का प्राकृतिक प्रजनन होना यह दर्शाता है कि चीतों ने यहां के वातावरण को स्वीकार कर लिया है। यह कार्यक्रम के सफल होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कुनो नेशनल पार्क में चीतों की देखभाल के लिए विशेष प्रबंधन किया गया है। वन विभाग की टीम नियमित रूप से उनके स्वास्थ्य और गतिविधियों की निगरानी करती है। साथ ही शावकों की सुरक्षा के लिए भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
इस घटना के बाद पार्क में उत्साह का माहौल है और इसे एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इससे भविष्य में चीतों की संख्या बढ़ाने और उन्हें भारत में स्थायी रूप से बसाने में मदद मिलेगी।
भोपाल सहित राज्य के अन्य हिस्सों में भी इस खबर को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। यह घटना वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।
कुल मिलाकर, कुनो नेशनल पार्क में मादा चीता द्वारा चार शावकों को जन्म देना न केवल एक प्राकृतिक घटना है, बल्कि यह देश में चल रहे चीता पुनर्वास कार्यक्रम के लिए एक बड़ी उपलब्धि भी है। इससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में इस कार्यक्रम को और सफलता मिलेगी।
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