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चार पीढ़ियों बाद जन्मी बेटी, घरवालों ने रथ पर निकाला जुलूस

SHIDDHANT
2 Sept 2026 8:03 PM IST
चार पीढ़ियों बाद जन्मी बेटी, घरवालों ने रथ पर निकाला जुलूस
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घर आई नन्ही लक्ष्मी बेटी के स्वागत में परिवार ने निकाला भव्य जुलूस
Beed बीड। महाराष्ट्र के बीड जिले में एक परिवार के लिए बेटी का जन्म ऐसी खुशी लेकर आया कि पूरा घर जश्न में डूब गया। दहीफले परिवार में चार पीढ़ियों के लंबे इंतजार के बाद बेटी का जन्म हुआ है। परिवार का दावा है कि करीब 200 साल बाद उनके घर में बेटी की किलकारी गूंजी है। इस खास मौके को यादगार बनाने के लिए परिवार ने नवजात बच्ची का भव्य स्वागत किया और रथ जुलूस भी निकाला।
परिवार ने बच्ची का नाम गार्गी रखा है। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद गार्गी और उसकी मां को सामान्य तरीके से घर ले जाने के बजाय सजाए गए रथ में बैठाया गया। घर तक निकाले गए जुलूस के दौरान ढोल-नगाड़े बजाए गए और परिवार के सदस्य खुशी से नाचते नजर आए। बेटी के स्वागत को लेकर परिवार के साथ आसपास के लोगों में भी उत्साह देखने को मिला।
गार्गी की दादी सुरेखा दहीफले ने अपनी पोती को घर आई लक्ष्मी बताया। परिवार के मुताबिक बच्ची के जन्म के बाद अस्पताल में ही तय कर लिया गया था कि उसका स्वागत बेहद खास अंदाज में किया जाएगा। लंबे समय बाद परिवार में बेटी के जन्म ने सभी की खुशी कई गुना बढ़ा दी।
बच्ची के दादा ने भी पोती के जन्म को परिवार के लिए सौभाग्य बताया। उनका कहना है कि परिवार में लंबे समय से बेटी नहीं होने का अफसोस था। अब गार्गी के आने से उनकी यह इच्छा पूरी हो गई है। वहीं गार्गी के पिता ने कहा कि बेटी का पिता होना अपने आप में एक अलग एहसास है। उन्होंने अपनी बेटी को फूल की तरह पालने और उसे भरपूर प्यार देने की बात कही।
बेटी के जन्म पर इस तरह का उत्सव समाज के लिए भी सकारात्मक संदेश दे रहा है। देश के कई हिस्सों में बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने के लिए अनोखी पहल होती रही हैं। राजस्थान के पिपलांत्री गांव में भी हर बेटी के जन्म पर 111 पौधे लगाने की परंपरा चर्चित रही है। बीड के दहीफले परिवार का यह जश्न भी बेटियों के प्रति बदलती सामाजिक सोच की खूबसूरत तस्वीर पेश कर रहा है।
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