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मोबाइल टावर से RRU चोरी करने वाला शातिर गिरोह गिरफ्तार, हथियार भी बरामद

Shantanu Roy
23 Dec 2025 6:54 PM IST
मोबाइल टावर से RRU चोरी करने वाला शातिर गिरोह गिरफ्तार, हथियार भी बरामद
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Gautam Buddh Nagar. गौतमबुद्धनगर। ग्रेटर नोएडा के गौतमबुद्धनगर जनपद में मोबाइल टावरों से महंगे उपकरण चोरी करने वाले शातिर गिरोह का दादरी थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से चोरी किए गए दो मोबाइल टावर आरआरयू (रिमोट रेडियो यूनिट), एक तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक अवैध चाकू बरामद किया है। यह कार्रवाई 23 दिसंबर 2025 को मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर की गई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, थाना दादरी पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि क्षेत्र में मोबाइल टावरों से आरआरयू और अन्य कीमती उपकरणों की चोरी करने वाला एक गिरोह सक्रिय है। यह गिरोह सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम दे रहा था, जिससे निजी टेलीकॉम कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा था। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने निगरानी बढ़ाई और संभावित इलाकों में सघन चेकिंग शुरू की। 23 दिसंबर को पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली कि आरआरयू चोरी करने वाला गिरोह घोड़ी बछेड़ा क्षेत्र के आसपास सक्रिय है।

सूचना मिलते ही दादरी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डिलाइट पैलेस, घोड़ी बछेड़ा के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर भागने की कोशिश कर रहे तीन संदिग्धों को मौके से दबोच लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान राहुल शर्मा पुत्र सुरेश चन्द शर्मा, रोहित बंसल पुत्र लीलू उर्फ लोकेश तथा अनुज कुमार पुत्र देवीशरण के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान अभियुक्त राहुल शर्मा के कब्जे से एक तमंचा और एक जिंदा कारतूस (.315 बोर) बरामद किया गया, जबकि रोहित बंसल के पास से एक अवैध चाकू मिला। इसके अतिरिक्त तीनों अभियुक्तों के पास से चोरी किए गए दो मोबाइल टावर आरआरयू भी बरामद हुए, जिन्हें उन्होंने एक निजी कंपनी के मोबाइल टावर से चोरी किया था।

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते थे। दिन के समय वे अलग-अलग इलाकों में लगे मोबाइल टावरों की रेकी करते थे और रात के अंधेरे में मौका देखकर टावरों पर चढ़कर आरआरयू जैसे महंगे उपकरण खोलकर चोरी कर लेते थे। चोरी किए गए उपकरणों को वे बाद में कबाड़ी या अन्य माध्यमों से बेच देते थे और उससे मिलने वाली रकम को अपने शौक-मौज और दैनिक खर्चों में उड़ा देते थे। आरोपियों ने यह भी बताया कि पकड़े जाने के डर से वे अपने साथ अवैध हथियार रखते थे, ताकि जरूरत पड़ने पर पुलिस या किसी अन्य व्यक्ति को डराया जा सके। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह की सक्रियता के चलते क्षेत्र में मोबाइल टावर चोरी की कई घटनाएं हुई होंगी, जिनका खुलासा आगे की जांच में हो सकता है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास भी काफी लंबा है।

अभियुक्त राहुल शर्मा के खिलाफ गौतमबुद्धनगर जनपद के विभिन्न थानों में चोरी, आर्म्स एक्ट और बीएनएस की विभिन्न धाराओं में करीब नौ मुकदमे दर्ज हैं। वहीं अभियुक्त रोहित बंसल के खिलाफ कासना और सूरजपुर थानों में चोरी और अवैध हथियार रखने से संबंधित चार मुकदमे दर्ज पाए गए हैं। तीसरे अभियुक्त अनुज कुमार के खिलाफ भी पूर्व में चोरी का एक मामला दर्ज होने की पुष्टि हुई है। इस पूरे मामले में थाना दादरी में सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस
अधिकारियों
का कहना है कि इस गिरोह की गिरफ्तारी से मोबाइल टावर चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगेगा। साथ ही अन्य चोरी की वारदातों के खुलासे और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी की भी संभावना जताई जा रही है। पुलिस ने आम नागरिकों और टेलीकॉम कंपनियों से अपील की है कि यदि उन्हें मोबाइल टावरों के आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर अपराध पर रोक लगाई जा सके।
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