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UJJAIN उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन से इंदौर जा रही एक यात्री बस में मंगलवार को रामवास इलाके में अचानक आग लग गई। बस में करीब एक दर्जन यात्री सवार थे। धुआं उठते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और सभी ने तत्काल बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस का पिछला टायर फटने के बाद ड्राइवर का वाहन से नियंत्रण बिगड़ गया। इसके कुछ ही देर बाद बस में आग लग गई। आग तेजी से फैलती चली गई और कुछ ही मिनटों में पूरी बस इसकी चपेट में आ गई।
पुलिस स्टेशन इंचार्ज नरेंद्र यादव के अनुसार, पीछे का टायर फटने के बाद बस में आग लगी। बस में मौजूद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी को चोट नहीं आई। घटना के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने भी यात्रियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में मदद की। बस में आग लगते ही सड़क पर हड़कंप की स्थिति बन गई। यात्रियों ने जैसे ही धुआं निकलते देखा, वे तेजी से नीचे उतरने लगे। कुछ लोगों को बस से कूदकर बाहर निकलना पड़ा। समय रहते सभी यात्रियों के बाहर निकल जाने से बड़ा हादसा टल गया।
घटना की सूचना दमकल विभाग को दी गई। बताया गया कि सूचना मिलने के लगभग 45 मिनट बाद चार फायर ब्रिगेड वाहन मौके पर पहुंचे। इसके बाद करीब डेढ़ घंटे तक आग बुझाने का अभियान चला। काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक बस लगभग पूरी तरह जल चुकी थी। आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि वाहन का अंदरूनी हिस्सा पूरी तरह नष्ट हो गया और अंत में केवल लोहे का ढांचा ही बचा। मौके पर मौजूद लोगों ने घटना के वीडियो भी बनाए, जिनमें बस को आग की लपटों में घिरा देखा गया।
पुलिस और संबंधित विभागों ने घटना की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि टायर फटने के बाद आग किस वजह से इतनी तेजी से फैली। बस की तकनीकी स्थिति और रखरखाव से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक यह एक पुरानी डीजल बस थी। बस पर केसरिया रंग के रिफ्लेक्टिव निशान बने हुए थे और उसकी खिड़कियों पर “मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा” लिखा हुआ दिखाई दिया। सामने की तरफ भी “मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा परिवहन” लिखा नजर आया।
अब रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस यानी RTO इस बस के रिकॉर्ड की जांच कर रहा है। अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि बस वास्तव में राज्य सरकार की मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा से संबद्ध थी या केवल उस नाम और पहचान का उपयोग कर रही थी। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में “मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा” की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश में शहरों के बीच और शहरों के अंदर बेहतर बस कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।
इस सेवा का शुभारंभ 25 सितंबर को भोपाल के भेल दशहरा मैदान में मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में किया गया था। घटना के बाद अब बस की तकनीकी स्थिति और सेवा से उसके वास्तविक संबंध की जांच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित हैं और पुलिस ने हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी रखी है।
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