12वीं पास युवक ने खुद को बताया RBI अफसर, जेई से 95 लाख की ठगी

जेके मंदिर के पास बुलाया : डीसीपी सेंट्रल ने बताया कि आरोपी युवक को पीड़ित ने फोन कर नकद पैसे देने के लिए जेके मंदिर नहरिया के पास बुलाया। यहां नजीराबाद पुलिस ने ठग व उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने नाम सुल्तानपुर के अलीमुद्दीनपुर गिधौना गांव निवासी दीपक सिंह व आंचल बताया। डीसीपी सेंट्रल ने बताया कि दीपक इंटर पास है, जबकि पत्नी आंचल ने जीएनएम का कोर्स किया है। जांच में सामने आया कि आंचल के खाते में ठगी के 15 लाख रुपये और शेष रकम दीपक ने अपने खाते में ट्रांसफर कराई थी।
आरोपी दीपक ने बताया कि वर्ष 2022–23 में रिटायर्ड जेई से फोन पर बात हुई थी। उसने कोई वेबसाइट नहीं बनाई। रिटायर्ड जेई ने ही उसे फोन किया था। आरोपी ने कहा कि पैर के ऑपरेशन के लिए उसे रुपयों की जरूरत थी। रिटायर्ड जेई को पॉलिसी प्रीमियम का रिफंड लेना था, जिस पर उसने खुद को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का मैनेजर बताकर बातचीत शुरू की। दीपक ने बताया कि उसने अपने खाते से पत्नी के खाते में पैसा ट्रांसफर किया था। पत्नी जब पूछती कि पैसा कहां से आया तो कहता कि दोस्त इलाज के लिए पैसा ट्रांसफर कर रहे हैं। डीसीपी सेंट्रल ने बताया कि दीपक ने साल 2017 में आरबीआई की फिशिंग वेबसाइट बनाई थी। रिटायर्ड जेई को झांसे में लेने के बाद आरोपी ने फिशिंग साइट बंद कर दी थी। फोन के जरिए रिटायर्ड जेई के संपर्क में था। आरोपियों के पास से एक एक्सयूवी कार, आईफोन-15, वीवो मोबाइल, लैपटॉप, चेकबुक व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।





