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8 अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 60 करोड़ से अधिक की साइबर ठगी का खुलासा
jantaserishta.com
15 July 2026 4:22 PM IST

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बड़ी सफलता.
ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाए गए प्रदेशव्यापी विशेष अभियान 'ऑपरेशन सीवाई-वज्रा' के तहत गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है।
इस विशेष अभियान के दौरान साइबर अपराध से जुड़े कई बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया। डिजिटल और मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर किए गए व्यापक सत्यापन और सघन छापेमारी अभियान में अवैध कॉल सेंटर, म्यूल बैंक खातों के नेटवर्क और साइबर ठगी में शामिल कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार अभियान के दौरान गौतमबुद्धनगर में संचालित 8 अवैध कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया गया। इसके साथ ही 700 से अधिक लोगों का सत्यापन और पूछताछ की गई। जांच के दौरान उन गिरोहों का भी खुलासा हुआ जो साइबर अपराधियों को म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराते थे और बैंक खातों की खरीद-फरोख्त कर साइबर ठगी के नेटवर्क को सक्रिय रूप से सहयोग दे रहे थे।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 49 अभियुक्तों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है। इनके कब्जे से 67 मोबाइल फोन, 19 लैपटॉप, 76 सिम कार्ड, 81 डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड तथा 5 लाख रुपये से अधिक की नकदी बरामद की गई है। प्रारंभिक जांच में गिरफ्तार और चिन्हित व्यक्तियों का 60 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी से प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष संबंध सामने आया है। पुलिस अब इनके बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन और अन्य नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।
जांच के दौरान मिले महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर पुलिस ने एक नाइजीरियाई नागरिक को भी गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में उसका संबंध बड़े स्तर पर संचालित साइबर वित्तीय धोखाधड़ी से पाया गया है। उसके पास से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए हैं, जिनका संबंध राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज विभिन्न शिकायतों से जुड़ा मिला है। बरामद डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि साइबर अपराध के पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
गौतमबुद्धनगर पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन 'सीवाई-वज्रा का उद्देश्य अवैध कॉल सेंटरों, म्यूल बैंक खातों और संदिग्ध बैंकिंग गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना तथा भविष्य में साइबर अपराधों की रोकथाम सुनिश्चित करना है। कमिश्नरेट पुलिस डिजिटल तकनीक और मानव स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है और इस मामले में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके साथ किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है या कोई संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि दिखाई देती है, तो इसकी सूचना तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज कराएं तथा निकटतम पुलिस थाने को भी इसकी जानकारी दें।
ग्रेटर नोएडा, 15 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाए गए प्रदेशव्यापी विशेष अभियान 'ऑपरेशन सीवाई-वज्रा' के तहत गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है।
इस विशेष अभियान के दौरान साइबर अपराध से जुड़े कई बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया। डिजिटल और मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर किए गए व्यापक सत्यापन और सघन छापेमारी अभियान में अवैध कॉल सेंटर, म्यूल बैंक खातों के नेटवर्क और साइबर ठगी में शामिल कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार अभियान के दौरान गौतमबुद्धनगर में संचालित 8 अवैध कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया गया। इसके साथ ही 700 से अधिक लोगों का सत्यापन और पूछताछ की गई। जांच के दौरान उन गिरोहों का भी खुलासा हुआ जो साइबर अपराधियों को म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराते थे और बैंक खातों की खरीद-फरोख्त कर साइबर ठगी के नेटवर्क को सक्रिय रूप से सहयोग दे रहे थे।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 49 अभियुक्तों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है। इनके कब्जे से 67 मोबाइल फोन, 19 लैपटॉप, 76 सिम कार्ड, 81 डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड तथा 5 लाख रुपये से अधिक की नकदी बरामद की गई है। प्रारंभिक जांच में गिरफ्तार और चिन्हित व्यक्तियों का 60 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी से प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष संबंध सामने आया है। पुलिस अब इनके बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन और अन्य नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।
जांच के दौरान मिले महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर पुलिस ने एक नाइजीरियाई नागरिक को भी गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में उसका संबंध बड़े स्तर पर संचालित साइबर वित्तीय धोखाधड़ी से पाया गया है। उसके पास से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए हैं, जिनका संबंध राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज विभिन्न शिकायतों से जुड़ा मिला है। बरामद डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि साइबर अपराध के पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
गौतमबुद्धनगर पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन 'सीवाई-वज्रा का उद्देश्य अवैध कॉल सेंटरों, म्यूल बैंक खातों और संदिग्ध बैंकिंग गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना तथा भविष्य में साइबर अपराधों की रोकथाम सुनिश्चित करना है। कमिश्नरेट पुलिस डिजिटल तकनीक और मानव स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है और इस मामले में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके साथ किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है या कोई संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि दिखाई देती है, तो इसकी सूचना तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज कराएं तथा निकटतम पुलिस थाने को भी इसकी जानकारी दें।
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