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68,500 सहायक शिक्षक भर्ती: नियुक्ति की मांग को लेकर SCERT कार्यालय पहुंचे अभ्यर्थी, 70 दिनों से जारी है आंदोलन

SHIDDHANT
4 Nov 2026 8:40 PM IST
68,500 सहायक शिक्षक भर्ती: नियुक्ति की मांग को लेकर SCERT कार्यालय पहुंचे अभ्यर्थी, 70 दिनों से जारी है आंदोलन
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अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक से पूछताछ के बाद छापेमारी
उत्तर प्रदेश: 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। नियुक्ति की मांग को लेकर पिछले 70 दिनों से प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने बुधवार को लखनऊ के निशातगंज स्थित राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारी परिसर में जमीन पर बैठ गए और नारेबाजी करते हुए भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण से जुड़ी कथित गड़बड़ियों को दूर करने की मांग उठाई। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया शुरू हुए करीब आठ साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें नियुक्ति नहीं मिल पाई है। उनका आरोप है कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक कई बार अपनी बात पहुंचाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। लंबे इंतजार के कारण अभ्यर्थियों के भविष्य पर अनिश्चितता बनी हुई है।
2018 में शुरू हुई थी भर्ती, अब तक नियुक्ति का इंतजार
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के मुताबिक, 68,500 सहायक शिक्षक पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2018 में शुरू हुई थी। उन्होंने उस समय आवेदन किया था और नियुक्ति की उम्मीद में लगातार इंतजार कर रहे हैं। लेकिन कई साल बीत जाने के बाद भी उनकी मांग पूरी नहीं हुई। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री, संबंधित मंत्रियों, विधायकों और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष तक अपनी समस्या पहुंचाई है। इसके बावजूद उन्हें कोई ठोस समाधान नहीं मिला। अब उन्होंने SCERT कार्यालय पहुंचकर अपनी मांग दोबारा उठाई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका आंदोलन केवल नौकरी पाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे भर्ती में आरक्षण के नियमों का सही तरीके से पालन कराने की मांग भी कर रहे हैं।
मंत्रियों के सामने भी उठाया था आरक्षण का मुद्दा
अभ्यर्थी नवीन के अनुसार, 10 सितंबर को उनकी मुलाकात बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी से हुई थी। इस बैठक में दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। नवीन का दावा है कि बातचीत के दौरान मंत्रियों और अधिकारियों ने भर्ती में गड़बड़ी की बात स्वीकार की थी। उनका सवाल है कि जब राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग भी आरक्षण से जुड़ी विसंगतियों पर आपत्ति जता चुके हैं, तो अब तक नियुक्ति की प्रक्रिया आगे क्यों नहीं बढ़ाई गई। अभ्यर्थियों का कहना है कि संबंधित आयोगों के निर्देशों के अनुसार भर्ती में जरूरी सुधार किए जाने चाहिए। उनका तर्क है कि जब आरक्षण से जुड़ी शिकायतों पर आयोगों की ओर से आदेश दिए गए हैं, तो उनका पालन कर नियुक्ति का रास्ता साफ किया जाना चाहिए।
आरक्षण की विसंगतियां दूर करने और नियुक्ति देने की मांग
प्रदर्शनकारी तूफान सिंह ने भर्ती में बड़े स्तर पर आरक्षण संबंधी अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, राज्य और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने इस मामले में नियमों के अनुरूप कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अभ्यर्थियों की मांग है कि भर्ती की प्रक्रिया में आरक्षण से जुड़ी सभी विसंगतियों की समीक्षा की जाए और आयोगों के आदेशों को लागू किया जाए। इसके बाद पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए। उनका कहना है कि आठ साल तक इंतजार करने के बाद भी कोई स्पष्ट फैसला नहीं होने से उनके करियर और परिवारों की उम्मीदें प्रभावित हो रही हैं। कई अभ्यर्थी लंबे समय से इस भर्ती के नतीजे और नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
70 दिनों से जारी प्रदर्शन, समाधान तक आंदोलन की चेतावनी
अभ्यर्थियों ने बुधवार को SCERT कार्यालय परिसर में बैठकर नारेबाजी की और अधिकारियों से उनकी मांगों पर निर्णय लेने की अपील की। उनका कहना है कि वे पिछले 70 दिनों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई अंतिम समाधान सामने नहीं आया है। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया है कि जब तक आरक्षण संबंधी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होती और नियुक्ति को लेकर ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
अब इस मामले में सरकार और संबंधित शिक्षा विभागों की अगली कार्रवाई पर अभ्यर्थियों की नजर है। आठ साल से लंबित इस भर्ती में नियुक्ति का इंतजार कर रहे उम्मीदवार चाहते हैं कि उनकी शिकायतों का निपटारा कर प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए।
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