100 आतंकी ढेर, #OperationSindoor में भारतीय सैनिकों को मिली बड़ी सफलता

पाकिस्तान। पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मजबूत कार्रवाई का वादा देश की जनता से किया था। उन्होंने कहा था कि आतंकियों की बची-खुची जमीन को मिट्टी में मिला दिया जाएगा। इसके लिए भारत के सुरक्षाबलों को खुली छूट दी गई थी। 7 मई को 1:45 बजे के करीब सुरक्षाबलों ने पीओके और पाकिस्तान में आतंकवादियों के 9 ठिकानों पर हमला किया गया। इन हमलों में अब तक 90 से अधिक आतंकवादियों के मारे जाने की खबर सामने आ रही है। मुरदीके में 30 आतंकियों को मार गिराया गया। दूसरे कैंपों में भी दर्जनों आतंकवादी मारे गए हैं।
भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार तड़के पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर टारगेट हमले किए, जिसे 'ऑपरेशन सिंदूर' नाम दिया गया है। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक सहित 26 लोगों की जान चली गई थी। इस ऑपरेशन में भारत ने पहली बार 'लॉइटरिंग म्यूनिशन' जैसे अत्याधुनिक हथियारों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है। लॉइटरिंग म्यूनिशन एक प्रकार का प्रिसिजन हथियार होता है, जो लक्ष्य क्षेत्र के ऊपर मंडराता है और अपने टारगेट की पहचान करने के बाद हमला करता है।
लॉइटरिंग म्यूनिशन को आमतौर पर 'कामिकेज ड्रोन' या 'सुसाइड ड्रोन' के रूप में भी जाना जाता है। यह एक प्रकार का सटीक-टारगेटेड हथियार है। यह ड्रोन न केवल लक्ष्य की तलाश करने में सक्षम होता है, बल्कि यह टारगेट क्षेत्र के ऊपर लंबे समय तक मंडराकर (लॉइटर) सही समय पर हमला करता है। यह इंसानी कंट्रोल या ऑटोमैटिक मोड में काम कर सकता है और अपने साथ विस्फोटक ले जाता है, जो लक्ष्य पर टकराने के बाद नष्ट हो जाता है। इसकी खासियत यह है कि यह पारंपरिक मिसाइलों की तुलना में अधिक लचीलापन प्रदान करता है, क्योंकि यह हमले से पहले लक्ष्य की पुष्टि कर सकता है और अनावश्यक नुकसान को कम करता है।





