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खेलते समय लोहे की सरिया में गिरा 6 वर्षीय बच्चा, प्राइवेट पार्ट में फंसी रॉड

Shantanu Roy
25 April 2026 4:55 PM IST
खेलते समय लोहे की सरिया में गिरा 6 वर्षीय बच्चा, प्राइवेट पार्ट में फंसी रॉड
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परिजन सदमें में
Satna. सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक बेहद गंभीर और दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां खेलते समय एक 6 वर्षीय मासूम बच्चा लोहे की सरिया में गिर गया। हादसे में सरिया बच्चे के प्राइवेट पार्ट में जा घुसी, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। परिजनों की तत्परता और डॉक्टरों की समय पर कार्रवाई से बच्चे की जान बच गई। यह घटना टिकरिया गांव की है, जहां रहने वाला 6 वर्षीय अमन अपने घर के पास खेल रहा था। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ा और वह जमीन पर लगी लोहे की सरिया पर गिर गया। हादसे के बाद बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया और परिजन तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचे।

परिवार के अनुसार, हादसा अचानक हुआ और किसी को समझ नहीं आया कि इतनी गंभीर स्थिति कैसे बन गई। घायल बच्चे को सबसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझगंवा ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल पहुंचते ही स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल कॉलेज की सर्जिकल टीम सक्रिय हो गई। डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए ऑपरेशन की तैयारी शुरू की। लगभग आधे घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने सरिया को सावधानीपूर्वक बच्चे के शरीर से बाहर निकाल लिया। डॉक्टरों के अनुसार, अगर इलाज में थोड़ी भी देरी होती तो बच्चे की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। सरिया के अंदर गहराई तक फंसे होने के कारण ऑपरेशन बेहद संवेदनशील था।

लेकिन मेडिकल टीम ने सफलता के साथ इसे पूरा किया। ऑपरेशन के बाद बच्चे को सर्जिकल वार्ड में भर्ती किया गया है। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टर लगातार उसकी निगरानी कर रहे हैं। मेडिकल टीम का कहना है कि बच्चे को पूरी तरह ठीक होने में कुछ समय लग सकता है, लेकिन खतरे की स्थिति अब नहीं है। घटना के बाद गांव में भी चिंता का माहौल है। परिजन अभी भी इस हादसे से सदमे में हैं। परिवार ने बताया कि अमन घर के पास ही खेल रहा था और किसी को अंदाजा नहीं था कि खेल-खेल में इतना बड़ा हादसा हो जाएगा। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि बच्चों को निर्माण स्थलों या लोहे की सरियों और खतरनाक जगहों के आसपास खेलने से रोका जाए, क्योंकि ऐसी लापरवाही गंभीर हादसों का कारण बन सकती है। यह मामला एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता की जरूरत को उजागर करता है। समय पर इलाज और डॉक्टरों की तत्परता ने एक मासूम की जान बचा ली, लेकिन यह घटना पूरे क्षेत्र के लिए एक चेतावनी भी बन गई है।
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