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5 सैनिक शहीद: अंतिम विदाई देने भीड़ उमड़ी, अब जख्म के बदले की बारी

Admin1
13 Oct 2021 9:10 AM GMT
5 सैनिक शहीद: अंतिम विदाई देने भीड़ उमड़ी, अब जख्म के बदले की बारी
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नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में एक जेसीओ समेत सेना के 5 जवान शहीद हो गए थे. शहीदों में तीन जसविंदर सिंह, मंदीप सिंह और गज्जन सिंह पंजाब के रहने वाले थे. इन तीनों के शव बुधवार को उनके गांव पहुंच गए हैं. शहीदों को अंतिम विदाई देने के लिए भीड़ भी उमड़ आई है.

कपूरथला के नायाब सूबेदार जसविंदर सिंह का पार्थिव शरीर उनके गांव माना तलवंडी पहुंच गया. शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए आसपास के गांव से भी लोग आ गए हैं. थोड़ी ही देर में शहीद जसविंदर का अंतिम संस्कार किया जाएगा.
18 की उम्र में ही सेना में आ गए थे जसविंदर
जसविंदर के बड़े भाई राजिंदर सिंह जो खुद भी आर्मी से रिटायर्ड हैं, ने बताया कि जसविंदर ने 18 साल की उम्र में आर्मी ज्वॉइन कर ली थी. उन्होंने बताया कि उनके पिता कैप्टन (मानद) हरभजन सिंह भी आर्मी में थी. उनकी कुछ महीनों पहले कोरोना से मौत हो गई थी. 2006 में जसविंदर को सेना मेडल से सम्मानित भी किया गया था. जसविंदर अपने पीछे पत्नी सुखप्रीत कौर (35), बेटी हरनूर कौर (11) और बेटा विक्रमजीत सिंह (13) को छोड़ गए हैं.
आखिरी बार रविवार को ही हुई थी मंदीप से बात
पंजाब के गुरदासपुर जिले के चट्ठा शिरा गांव में ही शहीद नायक मंदीप सिंह रहते थे. उनकी पत्नी मंदीप कौर ने कहा, 'मुझे अपने पति पर गर्व है. उन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए.' कौर ने रविवार को आखिरी बार पति मंदीप से फोन पर बात की थी. वो कहती हैं कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि उन्हें एक-दूसरे से बात करने का मौका अब कभी नहीं मिलेगा. मंदीप के परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटे हैं. उनका बड़ा बेटा जहां अभी 3 साल का है, वहीं छोटा बेटा सिर्फ एक महीने का है. उनके निधन पर शोक जताने के लिए मंगलवार से ही आसपास के गांव के लोग घर पहुंच गए हैं.
गज्जन सिंह की फरवरी में ही हुई थी शादी
पुंछ हमले में 27 वर्षीय सिपाही गज्जन सिंह भी शहीद हो गए. वो रूपनगर जिले के पचरंडा गांव के रहने वाले थे. चार भाइयों में सबसे छोटे गज्जन सिंह की शादी इसी साल फरवरी में हुई थी. उनके बड़े भाई अमरजीत सिंह ने बताया कि गज्जन बुधवार को घर आने वाले थे, लेकिन सोमवार को बताया गया कि मुठभेड़ में वो शहीद हो गए हैं.
बुधवार को तीनों शहीदों को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी. किसी एक शहीद के अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी शामिल हो सकते हैं. पुंछ हमले में शहीद हुए तीनों जवानों के परिजनों को सरकार ने 50 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है.
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