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तस्करों पर शिकंजा
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में अवैध हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़ी कार्रवाई की है। जमुड़िया और पांडवेश्वर थाना क्षेत्रों में अलग-अलग छापेमारी के दौरान कुल 38 अवैध आग्नेयास्त्र, 122 राउंड कारतूस और दो खाली मैगजीन बरामद की गई हैं। वहीं, बीरभूम जिले के मुरारई इलाके में विस्फोटकों का बड़ा जखीरा पकड़ा गया है। इन कार्रवाइयों में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
गुरुवार को दुर्गापुर स्थित एसटीएफ कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी सिद्धार्थ धापोला ने पूरे अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अंतरराज्यीय हथियार तस्करी नेटवर्क के खिलाफ जांच 30 जुलाई 2026 को शुरू हुई थी। उस दिन जमुड़िया थाना क्षेत्र के बेलबाइद मोड़ से खैरुल आलम चौधरी उर्फ गदाई शेख को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में उसके कथित तौर पर हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी सामने आई।
जांच में एसटीएफ को संदेह हुआ कि बिहार के मुंगेर से अवैध हथियार लाकर पश्चिम बंगाल के विभिन्न इलाकों में सप्लाई किए जा रहे थे। इसके बाद 4 अगस्त को झारखंड की राजधानी रांची से मोहम्मद समशेर हुसैन को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर 9 अगस्त को अंडाल थाना क्षेत्र के एक खाली ईसीएल आवास से 15 हथियार, 57 कारतूस और दो खाली मैगजीन बरामद की गईं।
इसी मामले में 26 अक्टूबर को पांडवेश्वर निवासी शेख सहाजाहान उर्फ सहाजान को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद 3 और 5 नवंबर को धान्यभांगा गांव में छापेमारी की गई। दक्षिण सामला कोलियरी के पास कृषि भूमि में छिपाए गए देसी हथियार और कारतूस बरामद हुए।
दूसरी बड़ी कार्रवाई बीरभूम जिले के मुरारई थाना क्षेत्र के बारुआ गोपालपुर में हुई। एसटीएफ ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापेमारी कर मोहम्मद रेजा शेख और मुकेश सिंह को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में 1,150 जिलेटिन स्टिक और बड़ी संख्या में डेटोनेटर बरामद किए गए। हालांकि, डेटोनेटर की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर है। कुछ रिपोर्टों में 1,064, जबकि पीटीआई की रिपोर्ट में 989 डेटोनेटर बताए गए हैं। एसटीएफ के अनुसार, आरोपियों के कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हथियारों और विस्फोटकों की आपूर्ति किन लोगों तक की जा रही थी।
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