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CHENNAI चेन्नई। नाबालिग लड़कियों के कथित यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले में ग्रेटर चेन्नई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन ड्राइवरों को गिरफ्तार किया है। यह मामला GEM Granite के कारोबारी वीरमणि से जुड़ा बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए तीनों ड्राइवरों पर अपराध में सहयोग करने का आरोप है। ग्रेटर चेन्नई पुलिस ने बताया कि मामले की जांच के दौरान तीनों ड्राइवरों की कथित भूमिका सामने आने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही आरोपियों के घरों पर तलाशी अभियान भी चलाया गया। तलाशी के दौरान पुलिस ने आठ मोबाइल फोन और 55 दस्तावेज जब्त किए हैं।
पुलिस अब जब्त किए गए मोबाइल फोन और दस्तावेजों की जांच कर रही है। इनसे मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की संभावना है। डिजिटल उपकरणों की जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि आरोपियों और मामले से जुड़े अन्य लोगों के बीच किस तरह का संपर्क था। मामले का मुख्य आरोप GEM Granite के कारोबारी वीरमणि पर नाबालिग लड़कियों के कथित यौन उत्पीड़न से संबंधित है। जांच के दौरान पुलिस को तीन ड्राइवरों के बारे में जानकारी मिली और उन पर कथित अपराध में सहयोग करने का आरोप लगाया गया। इसके बाद पुलिस ने गिरफ्तारी की कार्रवाई की।
ग्रेटर चेन्नई पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, तीनों आरोपियों के आवासों पर तलाशी ली गई। पुलिस ने वहां से कुल आठ मोबाइल फोन अपने कब्जे में लिए। इसके अलावा 55 दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं, जिन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है। मामला नाबालिग लड़कियों से जुड़ा होने के कारण पुलिस बेहद संवेदनशील तरीके से जांच आगे बढ़ा रही है। पीड़िताओं की पहचान और उनसे जुड़ी निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। कानून के तहत नाबालिग यौन अपराध पीड़ितों की पहचान गोपनीय रखना अनिवार्य है।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि गिरफ्तार किए गए ड्राइवरों ने कथित अपराध में किस प्रकार सहयोग किया और उनकी भूमिका कितनी थी। जब्त मोबाइल फोन में मौजूद कॉल रिकॉर्ड, मैसेज और अन्य डिजिटल सामग्री जांच के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। हालांकि, इनमें क्या सामग्री मिली है, इस संबंध में पुलिस की ओर से अभी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। इसके साथ ही जब्त किए गए 55 दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम से जुड़ी कड़ियों को जोड़ने और मामले में शामिल अन्य संभावित लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
फिलहाल तीनों ड्राइवरों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले में लगाए गए आरोपों की सत्यता और आरोपियों की जिम्मेदारी पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
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