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दिल्ली में स्वाइन फ्लू के 2308 केस, CM रेखा गुप्ता ने बुलाई इमरजेंसी बैठक
Shantanu Roy
25 Aug 2026 7:30 PM IST

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दिल्ली में इस साल इन्फ्लूएंजा के करीब 3,000 मामले सामने आए हैं, जिनमें 2,308 मामले H1N1 के बताए गए हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आपातकालीन समीक्षा बैठक बुलाई है। स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और अस्पतालों में डॉक्टर, दवाएं व बेड पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं।
New Delhi. नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में मौसमी बीमारियों और स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को लेकर सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। इस साल दिल्ली में इन्फ्लूएंजा के करीब 3,000 मामले सामने आने की जानकारी दी गई है। इनमें 2,308 मामले H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के बताए गए हैं। मामलों में बढ़ोतरी के बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आपातकालीन समीक्षा बैठक बुलाई है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने स्थिति को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक, सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जरूरी तैयारियां की गई हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अलावा दिल्ली नगर निगम, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद और दिल्ली छावनी बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मौसमी इन्फ्लूएंजा, H1N1 और वेक्टर जनित बीमारियों को लेकर व्यवस्थाओं तथा तैयारियों की समीक्षा की गई।
स्वास्थ्य मंत्री बोले- स्थिति नियंत्रण में
पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली में डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मचारियों या जरूरी दवाओं की कोई कमी नहीं है। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर किसी तरह की समस्या नहीं है और स्थिति नियंत्रण में है। स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले को लेकर आपातकालीन समीक्षा बैठक बुलाई है। इसमें दिल्ली में मौसमी बीमारियों की स्थिति और उनसे निपटने के लिए किए गए इंतजामों की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मरीजों का इलाज किया जा रहा है और उपचार के बाद लोग स्वस्थ हो रहे हैं। सरकार की ओर से अस्पतालों में मरीजों के लिए जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। दिल्ली में सामने आए करीब 3,000 इन्फ्लूएंजा मामलों में से 2,308 मामले H1N1 के हैं। इसके अलावा इन्फ्लूएंजा के दूसरे प्रकार के मामले भी सामने आए हैं।
अस्पतालों में बेड और दवाओं की व्यवस्था
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अस्पतालों में मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किसी मरीज को अस्पताल में बेड उपलब्ध नहीं होने की शिकायत मिलती है, तो संबंधित अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि अस्पतालों में डॉक्टरों, कर्मचारियों, दवाओं और जरूरी मेडिकल सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। स्वास्थ्य विभाग और नगर निकायों के अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में भी इन व्यवस्थाओं को लेकर जानकारी ली गई। इस दौरान मौसमी इन्फ्लूएंजा के अलावा डेंगू और मलेरिया जैसी वेक्टर जनित बीमारियों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों और अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की।
स्वाइन फ्लू को लेकर जारी की गई एडवाइजरी
दिल्ली में H1N1 के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार की ओर से सार्वजनिक स्वास्थ्य एडवाइजरी भी जारी की गई है। लोगों को सांस से जुड़ी बीमारियों से बचने के लिए सामान्य सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। एडवाइजरी में लोगों से भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने और हाथों को नियमित रूप से साफ रखने की सलाह दी गई है। इसके अलावा सांस से जुड़ी बीमारी वाले लोगों के ज्यादा करीब जाने से बचने के लिए भी कहा गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, H1N1 संक्रमण को आम तौर पर स्वाइन फ्लू के नाम से जाना जाता है। इससे बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। अगर फ्लू जैसे लक्षण गंभीर हो जाएं या लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर से सलाह लेने की बात कही गई है।
केंद्र के साथ भी स्वास्थ्य तैयारियों की समीक्षा
दिल्ली में बढ़ते इन्फ्लूएंजा मामलों के बीच केंद्र स्तर पर भी राजधानी की स्वास्थ्य तैयारियों की समीक्षा की गई है। इससे पहले शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बैठक हुई थी। इस बैठक में H1N1 इन्फ्लूएंजा के साथ-साथ डेंगू और मलेरिया की स्थिति पर चर्चा की गई। इसके अलावा अस्पतालों की तैयारियों और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता का भी जायजा लिया गया। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि अस्पतालों में बेड, डॉक्टर, दवाइयों और जरूरी चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए गए हैं। राजधानी में मौसमी बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी के बीच दिल्ली सरकार और स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की ओर से बुलाई गई आपातकालीन समीक्षा बैठक में भी स्वास्थ्य व्यवस्था और तैयारियों पर फोकस किया गया। सरकार की ओर से लोगों से घबराने के बजाय जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की गई है।
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