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बाढ़ प्रभावित किसानों को 20 हजार प्रति एकड़ मुआवजा, CM मान ने किया बड़ा ऐलान
Shantanu Roy
8 Sept 2025 4:52 PM IST

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बड़ी खबर
Chandigarh. चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने बाढ़ प्रभावित किसानों को बड़ी राहत देते हुए 20,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजे का ऐलान किया है। सोमवार (8 सितंबर) को हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री भगवंत मान खराब स्वास्थ्य के बावजूद अस्पताल से ही कैबिनेट बैठक में जुड़े और बाढ़ राहत कार्यों पर चर्चा की। सीएम मान तीन दिनों से अस्पताल में भर्ती हैं और उन्हें ड्रिप लगी हुई है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि पंजाब और पंजाबियों के लिए यह सीएम मान का जज़्बा है। पार्टी ने कहा कि तबीयत ठीक न होने के बावजूद मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाई और बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत योजनाओं की निगरानी की।
बाढ़ आपदा से फसलों की बर्बादी पर मुआवज़े का एलान—
— AAP (@AamAadmiParty) September 8, 2025
🔹₹20,000/एकड़ मुआवज़ा दिया जाएगा
🔹जो देश में किसी भी राज्य द्वारा दिया जाने वाला सबसे ज़्यादा मुआवज़ा है
🔹मुआवज़े के चेक हम आपके हाथों में देंगे
🔹मृतक के परिवार को ₹4 Lakh का मुआवज़ा
🔹घरों के नुक़सान पर Survey करके… pic.twitter.com/SZ1njSOmOO
मुख्य फैसले: किसानों और बाढ़ प्रभावितों को राहत
बैठक में कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जिनमें बाढ़ प्रभावित किसानों और ग्रामीणों को सीधे राहत पहुंचाने के प्रावधान शामिल हैं।
20 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा – बाढ़ से प्रभावित फसलों के नुकसान का मुआवजा किसानों को दिया जाएगा।
4 लाख रुपये मुआवजा मृतकों के परिजनों को – बाढ़ में जान गंवाने वालों के परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाएगी।
घर और स्कूल भवनों का मुआवजा – जिनके घर गिर गए या स्कूल भवन क्षतिग्रस्त हुए, उनका सर्वे कर मुआवजा दिया जाएगा।
"जिसका खेत, उसकी रेत योजना" को मंजूरी – बाढ़ के बाद खेतों में आई रेत को किसान उठाकर बेच सकेंगे। इसके लिए उन्हें माइनिंग की अनुमति दी जाएगी।
कर्ज पर राहत – कॉपरेटिव सोसाइटियों और सरकारी बैंकों से लिए गए कर्ज की किश्त छह महीने तक स्थगित रहेगी। इस दौरान किसानों को ब्याज भी नहीं देना होगा।
मवेशियों के नुकसान पर सहायता – जिन किसानों के मवेशी बाढ़ में मरे हैं, उन्हें भी मुआवजा मिलेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती –
बीमारी न फैले, इसके लिए बाढ़ प्रभावित इलाकों में टीकाकरण होगा।
फॉगिंग मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी।
हर गांव में क्लिनिक में डॉक्टर पहुंचेंगे।
घर-घर के नजदीक स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों को चेकअप और दवाइयां दी जाएंगी।
सफाई अभियान – शहरों और गांवों में सफाई अभियान चलाकर गंदगी और मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों पर रोक लगाई जाएगी।
आपसी विवाद और राहत की जरूरत
पंजाब के कई जिलों में हाल ही में बाढ़ के कारण हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गई थी। किसानों के सामने आजीविका संकट खड़ा हो गया था। बाढ़ के बाद खेतों में मिट्टी और रेत भर गई, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई। इसी को देखते हुए कैबिनेट ने किसानों को खेत से रेत हटाने और बेचने का अधिकार दिया। इसे “डिसिल्टिंग की अनुमति” कहा गया है, जिससे किसान अपने खेत भी साफ कर सकेंगे और आर्थिक नुकसान की भरपाई भी कर पाएंगे।
CM मान का समर्पण
AAP ने सीएम मान की अस्पताल से जुड़ी तस्वीर जारी करते हुए लिखा, “मुख्यमंत्री की तबीयत खराब है, लेकिन वह पंजाब के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। एक-एक पंजाबी की सेवा में मान जी ईमानदारी से काम कर रहे हैं।” यह कदम राज्य में बाढ़ प्रभावित लोगों के प्रति सरकार की गंभीरता और मुख्यमंत्री के व्यक्तिगत समर्पण को दर्शाता है।
सरकारी सर्वे और राहत कार्य
सरकार ने तय किया है कि प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे जल्द पूरा किया जाएगा। इसमें किसानों की फसल, गिरे हुए घर, क्षतिग्रस्त स्कूल इमारतें और बिजली ग्रिड का भी आकलन होगा। इसके बाद मुआवजा राशि सीधे लाभार्थियों को दी जाएगी।
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