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करंट लगने से 2 लंगूरों की मौत, शव यात्रा में सैकड़ों लोग हुए शामिल

jantaserishta.com
21 Oct 2022 7:17 AM GMT
करंट लगने से 2 लंगूरों की मौत, शव यात्रा में सैकड़ों लोग हुए शामिल
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वैसे तो जानवरों और पक्षियों से इंसान का प्यार कोई नयी बात नहीं है। युगों से इंसान पशु-पक्षियों से प्यार करता रहा है। दुनिया में कई सारे लोग हैं, जो पक्षियों और जानवरों से बेहद प्यार करते हैं। ऐसे में जब पशुओ के लिए पूरा समाज उमड़ पड़े तो इसकी चर्चा होने लगती है।
गया (आईएएनएस)| वैसे तो जानवरों और पक्षियों से इंसान का प्यार कोई नयी बात नहीं है। युगों से इंसान पशु-पक्षियों से प्यार करता रहा है। दुनिया में कई सारे लोग हैं, जो पक्षियों और जानवरों से बेहद प्यार करते हैं। ऐसे में जब पशुओ के लिए पूरा समाज उमड़ पड़े तो इसकी चर्चा होने लगती है।
ऐसा ही मामला बिहार के गया के टेकारी रोड मुहल्ले में देखने को मिली, जहां दो लंगूरों (हनुमान) की मौत चर्चा का विषय बन गया है। इसकी चर्चा का कारण आस्था से भी जोड़ा जा रहा है।
दरअसल, घटना गया शहर के टेकारी रोड स्थित हनुमान मंदिर के समीप की है, जहां बुधवार को दो बंदरों की करंट लगने से मौत होने के बाद समाज के सैकड़ों लोग जुटे और हिंदू रीति-रिवाज के साथ दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। समाजसेवी व वन्यजीव प्रेमियों ने इंसानियत और मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है, जिसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक मंदिर के समीप बुधवार की शाम हाईटेंशन तार की चपेट में आने से लंगूरों की मौत हो गई।
बिमलेंदु चैतन्य बताते है कि पिछले पांच सालों से अक्तूबर महीने में यहां लंगूरों की मौत अवश्य होती है। उन्होंने कहा कि यह इलाका व्यस्त इलाका है, ऐसे में लंगूर यहां पहुंचते हैं।
उन्होंने बताया कि बुधवार को भी बिजली के करंट लगने से दो लंगूरों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि तीन लंगूर बिजली तार की चपेट में आ गए जिससे दो की मौत हो गई जबकि एक घायल है। उन्होंने बताया कि विभाग की लापरवाही के कारण पांच साल से इस तरह की घटना हो रही है।
लंगूरों की मौत के बाद समाज के लोग जुटे और इसे राम की सेना का सिपाही मान कर हिंदू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया गया।
स्थानीय विपिन कुमार केजरीवाल बताते हैं कि गुरुवार को मंदिर से लंगूरों की शव यात्रा पूरे हिंदू रीति रिवाज के साथ निकाली गई, जिसमें ढोल बाजा भी बजाए गए।
इस शव यात्रा में शहर के सैकड़ों समाजसेवी मौजूद रहे। शव यात्रा के दौरान जय श्री राम के नारों के साथ पूरा शहर गुंजायमान हो गया।
शहर के विभिन्न मोहल्लों से होते हुए शव यात्रा धार्मिक विष्णुपद श्मशान घाट पर पहुंचा। जहां फल्गु नदी के तट पर बहादुरगढ़ श्मसान में हिंदू रीति-रिवाज के साथ दोनों लंगूरों का अंतिम संस्कार किया गया।
लोगों ने अब इस जीर्णावस्था में पहुंचे मंदिर की मरम्मत करवाने का भी निर्णय लिया है।
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