17 लाइफ-सेविंग दवा जिसे सरकार ने सस्ती की, कैंसर मरीजों को बड़ी राहत

दिल्ली। देश के बदलते हेल्थ पैटर्न को देखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 कैंसर मरीजों के लिए भी घोषणाएं कीं. बजट में कैंसर की दवाओं को लेकर उन्होंने कहा कि 17 कैंसर दवाओं पर लगने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी को पूरी तरह खत्म कर दिया है, जिससे अब जानलेवा बीमारियों का इलाज सस्ता और आसान हो जाएगा. साथ ही दुर्लभ बीमारियों के लिए भी आयात शुल्क में बड़ी रियायत दी गई है जो करोड़ों परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगी.
बेसिक कस्टम ड्यूटी वह टैक्स है जो भारत सरकार विदेशों से आयात किए जाने वाले सामान पर लगाती है. यह सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत वसूला जाता है. जब कोई दवा विदेश (जैसे अमेरिका या जर्मनी) से भारत आती है तो उसे भारत की सीमा में आने के लिए यह टैक्स चुकाना पड़ता है. आमतौर पर लाइफ सेविंग ड्रग्स पर यह 5% से 10% के बीच होती है और इस कस्टम ड्यूटी का 10% सोशल वेलफेयर सरचार्ज (SWS) है. दवाओं पर आमतौर पर 5% या 12% GST भी लगता है. निर्मला सीतारमण ने कैंसर की 17 दवाओं पर इस 10% वाली ड्यूटी को 0% कर दिया है. यानी अब उन दवाओं पर सिर्फ GST (यदि लागू हो) लगेगा, कस्टम ड्यूटी नहीं.
राजस्व के लिए और घरेलू उद्योग की सुरक्षा के लिए कस्टम ड्यूटी लगाई जाती है. आसान भाषा में समझें तो सरकार की कमाई के लिए और विदेशी सामान इतना सस्ता न हो जाए कि भारत की अपनी कंपनियां बंद हो जाएं, इसलिए ये ड्यूटी लगाते हैं. सबसे बड़ा और सीधा असर दवाइयों की कीमतों पर पड़ता है. आसान शब्दों में कहें तो, यह एक तरह का 'इम्पोर्ट टैक्स' है जो विदेशों से आने वाले सामान पर लगता है. इसे हटाने से दवाइयों की कीमत सीधे तौर पर 10% से 12% तक कम हो सकती है. उदाहरण के लिए अगर कैंसर की कोई विदेशी दवा पहले ₹10, 000 की मिलती थी तो टैक्स हटने के बाद उसकी कीमत घटकर लगभग ₹8800 से ₹9000 के बीच आ सकती है. बेसिक कस्टम ड्यूटी कैंसर की 17 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी हटने से विदेशी दवाइयों की कीमतें काफी गिर जाएंगी. इसके अलावा, 7 नई दुर्लभ बीमारियों को भी ड्यूटी फ्री लिस्ट में शामिल किया गया है, जिसका मतलब है कि इन बीमारियों की दवा मंगाना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और किफायती होगा.
1. Ribociclib
2. Abemaciclib
3. Talycabtagene autoleucel
4. Tremelimumab
5. Venetoclax
6. Ceritinib
7. Brigatinib
8. Darolutamide
9. Toripalimab
10. Serplulimab
11. Tislelizumab
12. Inotuzumab ozogamicin
13. Ponatinib
14. Ibrutinib
15. Dabrafenib
16. Trametinib
17. Ipilimumab





