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भारत–सिंगापुर नौसेना की 16वीं वार्ता संपन्न, समुद्री सुरक्षा सहयोग पर जोर

SHIDDHANT
7 Nov 2025 7:57 PM IST
भारत–सिंगापुर नौसेना की 16वीं वार्ता संपन्न, समुद्री सुरक्षा सहयोग पर जोर
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Delhi. दिल्ली। भारतीय नौसेना और सिंगापुर नौसेना के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय नौसेना–रिपब्लिक ऑफ सिंगापुर नेवी (RSN) स्टाफ टॉक्स का 16वां संस्करण नई दिल्ली में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह बैठक 6 नवंबर 2025 को आयोजित की गई, जिसमें दोनों नौसेनाओं के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। वार्ता की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से रियर एडमिरल निर्भय बापना, सहायक चीफ ऑफ नेवल स्टाफ (फॉरेन कोऑपरेशन एंड इंटेलिजेंस – FCI)** और सिंगापुर की ओर से कर्नल ऊई त्जिन काई, हेड ऑफ नेवल ऑपरेशंस (RSN)** ने की। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय सहयोग की दिशा में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।

बैठक के दौरान भारत और सिंगापुर ने अपनी मौजूदा सैन्य साझेदारी, समुद्री सुरक्षा, सूचना साझाकरण, और संयुक्त अभ्यासों को और सशक्त बनाने पर सहमति जताई। वार्ता का मुख्य फोकस हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा सुरक्षा हितों को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखना था। इस अवसर पर दोनों पक्षों ने भविष्य में Maritime Domain Awareness (MDA), Hydrography, Humanitarian Assistance and Disaster Relief (HADR) तथा साझा नौसैनिक अभ्यासों के माध्यम से सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। भारतीय नौसेना और सिंगापुर नौसेना के बीच पहले से ही SIMBEX (Singapore-India Maritime Bilateral Exercise) जैसे अभ्यास चल रहे हैं, जो दोनों देशों की समुद्री साझेदारी की मजबूती का प्रतीक हैं।

भारतीय नौसेना के प्रवक्ता के अनुसार, इस वार्ता का उद्देश्य आपसी समझ और विश्वास को और बढ़ाना था ताकि दोनों नौसेनाएँ क्षेत्रीय एवं वैश्विक समुद्री चुनौतियों से मिलकर निपट सकें। बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्वतंत्र और नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था को बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। भारतीय नौसेना और रिपब्लिक ऑफ सिंगापुर नेवी के बीच यह संवाद दोनों देशों के बीच चल रहे रक्षा सहयोग के गहराते संबंधों को दर्शाता है। यह बैठक न केवल रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देती है, बल्कि आने वाले वर्षों में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा सुरक्षा हितों को मजबूत करने की नींव भी रखती है।
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