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पीएम मोदी से 16वें वित्त आयोग की मुलाकात, वित्तीय सुधारों पर हुई चर्चा

SHIDDHANT
17 Nov 2025 7:55 PM IST
पीएम मोदी से 16वें वित्त आयोग की मुलाकात, वित्तीय सुधारों पर हुई चर्चा
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प्रतिनिधिमंडल
Delhi दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस बैठक की जानकारी प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की। उन्होंने लिखा, “मैंने 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया और आयोग के सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। बातचीत सार्थक और भविष्य को दिशा देने वाली रही। प्रधानमंत्री के इस ट्वीट के बाद यह साफ हो गया है कि केंद्र सरकार और वित्त आयोग के बीच राजकोषीय ढांचे में महत्वपूर्ण सुधारों और राज्यों के साथ राजस्व बंटवारे की नई व्यवस्था पर गंभीर चर्चा चल रही है। 16वां वित्त आयोग 2026 से 2031 की अवधि के लिए करों के विभाजन, राज्यों को मिलने वाले हिस्से, केंद्र और राज्यों के वित्तीय दायित्वों और अनुदानों की संरचना तय करेगा।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में आर्थिक संतुलन, विकासशील राज्यों की वित्तीय जरूरतों, जीएसटी क्षतिपूर्ति के भविष्य, वित्तीय अनुशासन और संसाधनों के न्यायसंगत वितरण जैसे प्रमुख विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रधानमंत्री ने आयोग को देश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की जरूरतों के अनुरूप एक आधुनिक और सक्षम वित्तीय ढांचा तैयार करने की सलाह दी। डॉ. अरविंद पनगढ़िया, जो नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष और जाने-माने अर्थशास्त्री हैं, वर्तमान आयोग को अधिक व्यापक और तर्कसंगत ढांचा देने पर काम कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में आयोग राज्यों के सुझाव, केंद्र सरकार की प्राथमिकताएं और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट तैयार करेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने उम्मीद जताई कि आयोग की सिफारिशें भारत के संघीय ढांचे को और मजबूत करेंगी तथा राज्यों को दी जाने वाली वित्तीय स्वायत्तता को भी सुदृढ़ बनाएंगी। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट "न्यू इंडिया" के विजन को पूरा करने में सहायक होगी। वित्त आयोग की टीम ने भी प्रधानमंत्री को अपनी प्रगति और अब तक प्राप्त सुझावों के बारे में अवगत कराया। आयोग आगामी महीनों में राज्यों के साथ और अधिक दौरों तथा परामर्श बैठकों का आयोजन करेगा, जिसके बाद अंतिम रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी। बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया कि आने वाले समय में राजकोषीय सुधारों पर बड़े निर्णय देखने को मिल सकते हैं, जो देश की आर्थिक संरचना को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएंगे।
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