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150 अवैध बांग्लादेशी प्रवासी पश्चिम बंगाल लाए गए, डिपोर्टेशन की तैयारी

SHIDDHANT
5 Oct 2026 11:46 PM IST
150 अवैध बांग्लादेशी प्रवासी पश्चिम बंगाल लाए गए, डिपोर्टेशन की तैयारी
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कोलकाता। जम्मू-कश्मीर से निकाले गए 150 कथित अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को डिपोर्टेशन की प्रक्रिया के लिए पश्चिम बंगाल लाया गया है। सूत्रों के मुताबिक, इन लोगों को भारतीय वायु सेना के विमान से श्रीनगर से बागडोगरा हवाई अड्डे पहुंचाया गया, जहां से उन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के नॉर्थ बंगाल फ्रंटियर के अधिकारियों को सौंप दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, इन लोगों को फिलहाल डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा। इसके बाद आधिकारिक प्रक्रिया के तहत उन्हें बांग्लादेश वापस भेजने की कार्रवाई की जाएगी। यह प्रक्रिया 7 अक्टूबर को होने की संभावना बताई गई है।
अधिकारियों का कहना है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में पकड़े गए अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को अंतरराष्ट्रीय सीमा के रास्ते वापस भेजने के लिए पश्चिम बंगाल लाया जाता रहा है। बीएसएफ इससे पहले भी इस तरह की डिपोर्टेशन प्रक्रिया में शामिल रही है।
जानकारी के मुताबिक, आधिकारिक चैनलों के जरिए पहले संबंधित लोगों को बांग्लादेश को सौंपने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। अधिकारियों का दावा है कि कुछ मामलों में बांग्लादेशी अधिकारी अपने नागरिकों को स्वीकार कर लेते हैं, जबकि कुछ मामलों में उनकी नागरिकता या पहचान को लेकर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाती।
सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर से आने वाले दिनों में और लोगों को दूसरी जगह भेजा जा सकता है। ऐसे में डिपोर्टेशन की प्रक्रिया के लिए पश्चिम बंगाल लाए जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ सकती है। इससे पहले गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और कर्नाटक समेत विभिन्न राज्यों में पकड़े गए कथित अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को भी पश्चिम बंगाल के रास्ते वापस भेजे जाने की कार्रवाई की गई है।
दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 2026 में अब तक पश्चिम बंगाल के रास्ते करीब 4,800 से 5,000 अवैध प्रवासियों को बांग्लादेश भेजे जाने की बात कही गई है। वहीं विदेश मंत्रालय द्वारा संसद में पूर्व में पेश आंकड़ों के अनुसार, 2009 से 2011 के बीच 23,653 लोगों को डिपोर्ट किया गया था। गृह मंत्रालय के आंकड़ों में 2014 तक 28,131 अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट किए जाने का उल्लेख किया गया था।
कई राज्यों में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) की प्रक्रिया के बीच अवैध प्रवासियों की पहचान का मुद्दा भी चर्चा में है। हालांकि किसी व्यक्ति की नागरिकता या आव्रजन स्थिति का निर्धारण संबंधित कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया के आधार पर ही किया जाता है। फिलहाल जम्मू-कश्मीर से लाए गए 150 लोगों को बीएसएफ के अधिकारियों को सौंप दिया गया है और उन्हें वापस भेजने से जुड़ी आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
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