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बिना नंबर की स्कॉर्पियो से 1.29 करोड़ कैश बरामद, सरपंच समेत तीन हिरासत में

SHIDDHANT
14 Oct 2026 11:17 PM IST
बिना नंबर की स्कॉर्पियो से 1.29 करोड़ कैश बरामद, सरपंच समेत तीन हिरासत में
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पुलिस जांच में बड़ा खुलासा
मंदसौर। मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना नंबर की काले रंग की महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन कार से 1 करोड़ 29 लाख रुपये की नकदी बरामद की है। शामगढ़ थाना पुलिस ने इस मामले में ग्राम बरखेड़ा उदा के सरपंच भवानीशंकर मीणा और उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। पुलिस को आशंका है कि बरामद रकम का संबंध अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से हो सकता है। हालांकि, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि शामगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम बरखेड़ा उदा में सरपंच भवानीशंकर मीणा के घर उत्तर प्रदेश से दो व्यक्ति पहुंचे हैं। दोनों बिना नंबर की काली स्कॉर्पियो-एन कार से आए थे। बताया गया कि कार को सरपंच के घर के पीछे बने बाड़े में खड़ा किया गया था। पुलिस को वाहन में बड़ी मात्रा में संदिग्ध नकदी छिपाकर रखे जाने की जानकारी मिली थी।
सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने ग्राम बरखेड़ा उदा पहुंचकर सरपंच के घर पर दबिश दी। पुलिस को मौके पर बिना नंबर की स्कॉर्पियो और उसके पास तीन व्यक्ति मिले। पूछताछ के दौरान संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए व्यक्तियों की पहचान भवानीशंकर मीणा (49 वर्ष), निवासी बरखेड़ा उदा, मोहम्मद इस्लाम (47 वर्ष), निवासी प्रतापपुर जीवनसहाय, जिला बरेली और सूर्य प्रकाश (59 वर्ष), निवासी सेंट्रल इस्टेट कॉलोनी, जिला बरेली के रूप में हुई है।
इसके बाद पुलिस तीनों व्यक्तियों और स्कॉर्पियो कार को शामगढ़ थाने लेकर पहुंची। यहां वाहन की बारीकी से तलाशी लेने के लिए एक मैकेनिक को बुलाया गया। मैकेनिक की सहायता से जब कार की बॉडी के अलग-अलग हिस्सों को खोला गया, तो उसमें बनाए गए गुप्त स्थानों से नोटों की गड्डियां बरामद हुईं। पुलिस ने नोटों की गिनती कराई तो कुल रकम 1 करोड़ 29 लाख रुपये निकली। कार के भीतर नकदी छिपाने के लिए विशेष जगह बनाई गई थी। पुलिस ने नकदी के साथ करीब 20 लाख रुपये कीमत की स्कॉर्पियो-एन कार भी जब्त कर ली है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी रकम कहां से लाई गई और इसे किस उद्देश्य से रखा गया था। शुरुआती सूचना में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से रकम जुड़े होने की आशंका जताई गई थी। हालांकि, पुलिस ने अभी तक नकदी के स्रोत को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयकर विभाग को भी सूचना दी गई है। पुलिस संबंधित लोगों के वित्तीय लेनदेन और नकदी के वास्तविक मालिक के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
इस कार्रवाई में एसडीओपी सीतामऊ दिनेश प्रजापति सहित शामगढ़, सुवासरा और भानपुरा थानों के पुलिसकर्मियों की भूमिका रही। पुलिस की संयुक्त टीम ने पूरे अभियान को अंजाम दिया। बिना नंबर की गाड़ी में इतनी बड़ी रकम छिपाकर रखे जाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस की जांच नकदी के स्रोत और संभावित अवैध कारोबार की दिशा में आगे बढ़ रही है। फिलहाल तीनों व्यक्तियों से पूछताछ जारी है। नकदी का संबंध किसी आपराधिक गतिविधि से होने की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
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