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जल जीवन मिशन में लापरवाही, 12 इंजीनियर सस्पेंड

SHIDDHANT
26 March 2026 12:35 AM IST
जल जीवन मिशन में लापरवाही, 12 इंजीनियर सस्पेंड
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई
Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: सरकार ने ‘जल जीवन मिशन’ परियोजना में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने 26 इंजीनियरों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की, जिसमें 12 को निलंबित किया गया, 4 के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक जांच के आदेश दिए गए, 3 को कारण बताओ नोटिस और 7 का तबादला किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह कार्रवाई नमामि गंगे विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव के नेतृत्व में की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिशन मोड पर चल रहे इस प्रोजेक्ट में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कार्य में सुधार न होने पर बर्खास्तगी की कार्रवाई भी की जा सकती है।


निलंबित कर्मचारियों में लखीमपुर खीरी के अधिशासी अभियंता अविनाश गुप्ता, जौनपुर के अधिशासी अभियंता सौमित्र श्रीवास्तव, गाजीपुर के मो. कासिम हाशमी, चंदौली के अमित राजपूत और सीताराम यादव, बिजनौर के अकबर हसन, औरैया के जूनियर इंजिनियर अनुराग गोयल, हाथरस के कुलदीप कुमार सिंह, आजमगढ़ के राजेंद्र कुमार यादव, बरेली के रूप चंद्र, बाराबंकी के अवनीश प्रताप सिंह और कुशीनगर के धर्मप्रकाश महेश्वरी शामिल हैं। विभागीय जांच के आदेश चार इंजीनियरों—अमन यादव (औरैया), अंकित यादव (मैनपुरी), प्रवीण कुट्टी (प्रयागराज) और फूल सिंह यादव (शामली) के खिलाफ दिए गए हैं। गाजियाबाद, आगरा और मिर्जापुर के अधिशासी अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।


इसके अलावा, 7 इंजीनियरों का तबादला भी किया गया है। इनमें प्रतापगढ़ से चंदौली स्थानांतरित विपिन कुमार वर्मा, रामपुर से चंदौली मो. असजद, बाराबंकी से बिजनौर प्रदीप कुमार मिश्रा, चंदौली से रामपुर उदयराज गुप्ता, शामली से बाराबंकी अमित कुमार, मैनपुरी से आजमगढ़ चंद्र बोध त्यागी और कौशांबी से आजमगढ़ अजय कुमार शामिल हैं। प्रदेश सरकार ने कहा कि सभी स्तर पर पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा ताकि हर ग्रामीण घर तक नल से जल पहुंचाने के मिशन में कोई रूकावट न आए।
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