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मथुरा में 12 करोड़ की चोरी का 24 घंटे में खुलासा दो भाइयों समेत चार गिरफ्तार

SHIDDHANT
15 Sept 2026 9:31 PM IST
मथुरा में 12 करोड़ की चोरी का 24 घंटे में खुलासा दो भाइयों समेत चार गिरफ्तार
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Mathura मथुरा। जुगल किशोर ज्वेलर्स के यहां हुई करीब 12 करोड़ रुपये की चोरी का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। मामले में दो भाइयों और दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने 7.05 किलोग्राम सोना, 11 लाख रुपये नकद, लॉकर की चाबियां, काटने के औजार, एक डीवीआर, कपड़े और वारदात में इस्तेमाल किया गया बैग बरामद किया है। आगरा जोन के अपर पुलिस महानिदेशक एस.के. भगत ने बताया कि घटनास्थल की परिस्थितियों से शुरुआत में ही किसी ऐसे व्यक्ति की संलिप्तता का संकेत मिला था, जो परिसर से परिचित हो। सामान अस्त-व्यस्त नहीं था और चाबी सीधे दराज से निकाली गई थी। इससे पुलिस को आशंका हुई कि चोरी करने वाले को अंदर की व्यवस्था और चाबी रखे होने के स्थान की जानकारी थी।
एडीजी के मुताबिक, छत पर बंदरों को रोकने के लिए लगाई गई जाली काटकर चोर अंदर दाखिल हुआ। इसके बाद दराज से चाबी निकाली और तिजोरी खोलकर सामान चोरी कर लिया। घटनास्थल पर मिले इन संकेतों के आधार पर पुलिस ने जांच की दिशा तय की और परिसर से परिचित लोगों की संभावित भूमिका की पड़ताल आगे बढ़ाई। एस.के. भगत ने कहा कि चोरी बड़ी होने के कारण तत्काल करीब आठ से दस टीमें गठित की गईं। उन्होंने अपने बयान में चोरी का अनुमानित मूल्य लगभग 12 से 14 करोड़ रुपये बताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के नेतृत्व वाली टीमों के साथ स्पेशल टास्क फोर्स यानी एसटीएफ की टीमों को भी लगाया गया।
अधिकारियों के अनुसार, अलग-अलग टीमों ने मिलकर मामले पर काम किया। डीआईजी ने स्वयं मौके पर डेरा डाला और जांच की लगातार निगरानी की। वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में चली इस कवायद के बाद पुलिस ने दो भाइयों और दो महिलाओं को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा करने की जानकारी दी। बरामद सामान में सोने और नकदी के अलावा लॉकर की चाबियां तथा काटने के औजार शामिल हैं। पुलिस ने एक डीवीआर भी बरामद किया है। इसके साथ कपड़े और अपराध में इस्तेमाल किए गए बैग को भी बरामदगी में शामिल बताया गया है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में गिरफ्तार चारों आरोपियों के नाम और उनकी अलग-अलग कथित भूमिका नहीं बताई गई है।
इस मामले में परिसर की जानकारी होने का संदेह पुलिस की शुरुआती पड़ताल का महत्वपूर्ण आधार बना। एडीजी ने विशेष रूप से बताया कि अंदर का सामान बिखरा नहीं था। चाबी के स्थान तक सीधे पहुंचने और उससे तिजोरी खोलने के घटनाक्रम को पुलिस ने परिसर से परिचित व्यक्ति की संलिप्तता के संकेत के रूप में देखा। पुलिस के अनुसार, चोरी की सूचना के बाद तेजी से टीमों का गठन और वरिष्ठ स्तर पर लगातार निगरानी की गई। इसी संयुक्त प्रयास से 24 घंटे के भीतर चार गिरफ्तारियां और बरामदगी संभव हुई। चोरी के कुल मूल्य को लेकर शुरुआती जानकारी में करीब 12 करोड़ रुपये का आंकड़ा है, जबकि एडीजी ने इसे लगभग 12 से 14 करोड़ रुपये के बीच बताया है।
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