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गोदामों में जमा रद्दी स्टॉक
Rajasthan राजस्थान: शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां करीब 10 लाख किताबें, जिनकी कीमत लगभग 7 करोड़ रुपये बताई जा रही है, अब गोदामों में रद्दी बनकर पड़ी हैं। इन किताबों की छपाई बच्चों की पढ़ाई के लिए की गई थी, लेकिन पाठ्यक्रम में बदलाव के चलते यह पूरी तरह अनुपयोगी हो गईं। जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा प्रभावित सातवीं कक्षा की किताबें हैं, जिनमें करीब 5 लाख पुस्तकें शामिल हैं। बताया जा रहा है कि सत्र 2026-27 से पहले ही सातवीं कक्षा का सिलेबस बदल दिया गया था, लेकिन उससे पहले बड़ी संख्या में पुरानी पाठ्यक्रम की किताबों की छपाई करवा दी गई।
मामला तब सामने आया जब नई किताबों की सप्लाई के दौरान पुराने स्टॉक के बंडल भी कुछ स्थानों पर पहुंच गए। इसके बाद यह खुलासा हुआ कि पुरानी किताबों को गोदामों में नई किताबों के पीछे दबाकर रखा गया था। तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद यह मुद्दा गंभीर हो गया। राजस्थान पाठ्यपुस्तक मंडल के अधिकारियों ने स्वीकार किया कि अतिरिक्त किताबों का स्टॉक मौजूद है। इस सत्र में लगभग 5 करोड़ नई किताबें स्कूलों तक पहुंचाई जा चुकी हैं।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि नए सिलेबस के आने पर पुरानी किताबें अप्रासंगिक हो जाती हैं और एनसीईआरटी की किताबों की उपलब्धता की समस्या के कारण यह निर्णय लिया गया। उन्होंने मामले की जांच कराने की बात भी कही है। इस घटना के बाद शिक्षक संगठनों और अन्य वर्गों ने सवाल उठाए हैं और पाठ्यक्रम में बार-बार बदलाव की परंपरा पर रोक लगाने की मांग की है।
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