
x
New Delhi : NCERT ने अपनी करिकुलम कमेटी में बदलाव किया है, जो कि क्लास 8 की सोशल साइंस की टेक्स्टबुक में ज्यूडिशियरी से जुड़े सेक्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट की आलोचना के बाद किया गया। अब इस पैनल में कुल 20 सदस्य हैं, जिसमें से तीन सदस्यों को कोर्ट के निर्देशों और कमेटी की कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से हटाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्लास 8 की सोशल साइंस की किताब में ज्यूडिशियरी और न्यायपालिका से संबंधित कुछ सामग्री पर सवाल उठाया था। अदालत ने NCERT से स्पष्ट किया कि पाठ्यक्रम में तथ्यों और न्यायिक प्रक्रियाओं को संतुलित और सटीक रूप में प्रस्तुत किया जाए। इसके जवाब में NCERT ने कमेटी के पुनर्गठन का निर्णय लिया।
बदलाव के बाद पैनल में अब शिक्षा विशेषज्ञ, समाजशास्त्री, इतिहासकार और पाठ्यक्रम डिजाइनर शामिल हैं। NCERT अधिकारियों के अनुसार, यह कदम पाठ्यक्रम की गुणवत्ता और न्यायपालिका के संदर्भ में संतुलित जानकारी सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
NCERT के प्रवक्ता ने कहा कि कमेटी में बदलाव का मकसद यह है कि बच्चों को सामाजिक विज्ञान की शिक्षा में तथ्य और संतुलित दृष्टिकोण मिले। उन्होंने बताया कि हटाए गए सदस्यों के स्थान पर नए विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, जिनके पास न्यायपालिका और सामाजिक अध्ययन के क्षेत्र में अनुभव है।
विशेषज्ञों का मानना है कि NCERT की इस पहल से पाठ्यक्रम की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ेगी। बच्चों को न्यायपालिका और लोकतंत्र की प्रक्रियाओं की सही जानकारी मिलेगी और उन्हें सामाजिक विज्ञान में संतुलित दृष्टिकोण विकसित करने में मदद मिलेगी।
बदलाव के बाद NCERT ने यह स्पष्ट किया है कि पाठ्यक्रम में किसी भी तरह की राजनीतिक या पक्षपातपूर्ण सामग्री शामिल नहीं होगी। इसका उद्देश्य केवल शिक्षा को तथ्यात्मक और संतुलित बनाना है।
इस पैनल में शामिल सदस्यों ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप पाठ्यक्रम में बदलाव करेंगे और छात्रों को आधुनिक और तथ्यात्मक शिक्षा देने के लिए काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि नई कमेटी शिक्षा के लिए उच्च मानक बनाए रखने और पाठ्यक्रम की प्रासंगिकता सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।
शिक्षाविदों ने NCERT के इस कदम को सराहा है। उनका कहना है कि यह बदलाव बच्चों में लोकतंत्र, न्यायपालिका और सामाजिक विज्ञान के प्रति समझ और जागरूकता बढ़ाने में मदद करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पाठ्यक्रम में संतुलित दृष्टिकोण और तथ्यात्मक जानकारी देने से छात्रों का तार्किक और आलोचनात्मक सोचने का कौशल भी विकसित होगा।
TagsNCERTक्लास 8सोशल साइंसपाठ्यक्रमज्यूडिशियरीसिलेबस कमेटीसुप्रीम कोर्टClass 8Social ScienceSyllabusJudiciarySyllabus CommitteeSupreme Courtजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





