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मानवाधिकार क्विज के परिणाम घोषित, 10 विजेताओं का चयन

Admindelhi1
19 Oct 2026 2:58 PM IST
मानवाधिकार क्विज के परिणाम घोषित, 10 विजेताओं का चयन
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‘मानवाधिकार क्विज-2026’ के नतीजे जारी, 10 विजेताओं को मिली सफलता

नई दिल्ली: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने अपने 33वें स्थापना दिवस से पहले माईजीओवी के सहयोग से आयोजित ‘मानवाधिकार क्विज-2026’ के 10 विजेताओं की घोषणा की है। प्रतियोगिता में आरती महाजन ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि रितिका दूसरे और तूबा बेनजीर तीसरे स्थान पर रहीं। क्विज का आयोजन लोगों को मानवाधिकारों, उनसे जुड़े कानूनों और आयोग की भूमिका के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से किया गया था।

26 हजार से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा

आयोग के अनुसार, ‘मानवाधिकार क्विज-2026: जीवन, स्वतंत्रता, समानता और गरिमा का उत्सव’ एक सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित किया गया। यह आयोजन एनएचआरसी के 33वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में किया गया था। इसमें मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 और आयोग के कार्यों से संबंधित जानकारी पर जोर दिया गया।

क्विज में देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लोगों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के लिए कुल 26,459 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें सबसे अधिक भागीदारी 18 से 24 वर्ष आयु वर्ग के लोगों की रही। राज्यों के स्तर पर उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु से सबसे ज्यादा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

विजेताओं को मिले नकद पुरस्कार

प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली आरती महाजन को 15 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। रितिका को दूसरा पुरस्कार 10 हजार रुपये और तूबा बेनजीर को तीसरा पुरस्कार पांच हजार रुपये मिला।

इसके अलावा सात सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए। प्रत्येक विजेता को दो हजार रुपये की राशि प्रदान की गई। इन पुरस्कारों के लिए आदित्य गुप्ता, तरुण, रानी मंडल, बसंत कुमार महतो, लिखथ कुमार ए और दीपिका मडासु के नाम घोषित किए गए हैं।

5,753 प्रतिभागियों के पूरे अंक

आयोग के मुताबिक, क्विज में 5,753 प्रतिभागियों ने 15 में से 15 अंक हासिल किए। प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार, इनमें से 10 विजेताओं का चयन माईजीओवी टीम ने लॉटरी यानी ड्रॉ के माध्यम से किया। प्रतिभागियों को 300 सेकंड के भीतर अधिकतम 15 सवालों के जवाब देने थे।

इस पहल का उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर युवाओं, में मानवाधिकारों के प्रति समझ बढ़ाना और जीवन, स्वतंत्रता, समानता तथा गरिमा जैसे मूलभूत अधिकारों के महत्व से परिचित कराना था।

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