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मल्टीग्रेन आटा शरीर के लिए सेहत और पोषण का भरपूर खजाना, जानें विधि

Tara Tandi
6 Dec 2020 8:31 AM GMT
मल्टीग्रेन आटा शरीर के लिए सेहत और पोषण का भरपूर खजाना, जानें विधि
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भागती दौड़ती जिंदगी के बीच लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा संवेदनशील दिखाई दे रहे हैं.

जनता से रिश्ता बेवङेस्क| भागती दौड़ती जिंदगी के बीच लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा संवेदनशील दिखाई दे रहे हैं. खुद को सेहतमंद रखने के लिए डाइट पर उनका खास ध्यान रहता है. आप अपनी सेहत को मजबूत बनाने के लिए डाइट में मल्टीग्रेन आटा के विकल्प को भी शामिल कर सकते हैं. इसके इस्तेमाल से शरीर को सेहत और पोषण का पूरा पैकेज मिलता है. मल्टीग्रेन आटा दिखने में बिल्कुल सामान्य आटे की तरह होता है.

मल्टीग्रेन आटे में है छिपा सेहत का पूरा पैकेज

इससे पोषक तत्व मिनरल, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और ऊर्जा से भरपूर होते हैं. इसका इस्तेमाल कई तरीकों से किया जाता है. मल्टीग्रेन आटे से हलवा, परांठा और फुलका तैयार किया जा सकता है. आटे की खासियत ये है कि इसे गूंथते वक्त ज्यादा पानी की जरूरत होती है. उसकी वजह से तैयार होनेवाला फूड आइटम बहुत नरम और मुलायम और खाने में जायकेदार बन जाता है.

मल्टीग्रेन आटा बनाने के लिए सबसे पहले एक किलो गेहूं, चना 50 ग्राम, मक्का 50 ग्राम, जौ 50 ग्राम, रागी 25 ग्राम, सोयाबीन 25 ग्राम, बाजरा 25 ग्राम, ज्वार 25 ग्राम चाहिए. सभी सामग्री को मिलाकर घर पर आटा ब्लेंडर में पीस सकते हैं या फिर आटा चक्की में पीसने के लिए दिया जा सकता है. आप अनाज के अनुपात के हिसाब से मात्रा को बढ़ा सकते हैं. इसका मतलब हुआ कि अगर आप गेहूं दो किलो ले रहे हैं, तो चना 100 ग्राम, मक्का, 100 ग्राम, बाजरा 50 ग्राम, ज्वार 50 ग्राम, रागी 50 ग्राम, सोयाबीन 50 ग्राम, जौ 100 ग्राम मिलाना होगा.

वजन घटाने समेत रोग प्रतिरोध क्षमता भी बढ़ाए

मल्टीग्रेन आटे में मिली हुई रागी फाइबर का भरपूर स्रोत होता है. ये कॉलेस्ट्रोल लेवल को कम करने में मदद करता है. फाइबर आपका पेट लम्बे समय तक भरा रखता है. रागी वजन काबू करने और डायबिटीज के लिए भी मुफीद माना जाता है. इसके अलावा, शरीर के तापमान को ठंडा बनाए रखता है. इसमें आयरन और कैल्शियम की उचित मात्रा पाई जाती है. मल्टीग्रेन आटे से बनी रोटियां शरीर को अंदर से मजबूत बनाती हैं. नियमित सेवन आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और मौसमी बीमारियों की चपेट में आने के खतरे को भी टालता है. विशेषज्ञों का कहना है कि किसी एक अनाज तक सीमित रहने के बजाए अलग-अलग अनाज के बने आटे से शरीर को सभी जरूर पोषक तत्व हासिल किए जा सकते हैं.


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