मध्य प्रदेश

बालाजी सूर्य मंदिर परिसर में कलशयात्रा के साथ अष्टोत्तरशत भागवत कथा शुरू

Admin Delhi 1
5 Dec 2023 9:07 AM GMT
बालाजी सूर्य मंदिर परिसर में कलशयात्रा के साथ अष्टोत्तरशत भागवत कथा शुरू
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इंदौर: बालाजी सूर्य मंदिर परिसर में भव्य कलश यात्रा के साथ अष्टोत्तरशत भागवतकथा का आरंभ किया गया. निकाली गई कलाश यात्रा में बड़ी संख्या में महिला व पुरुषों में हिस्सा लिया.

कलश यात्रा भगवान भास्कर के पांव पखारती पुष्पावती नदी से प्रारम्भ होकर मुख्य बाजार बसस्टेंड, भांडेर रोड, खेड़ापति मन्दिर मार्ग होते हुए बालाजी मंदिर पर पहुंची. पहूज नदी पर वाराणसी से पधारे सिद्ध संत विमल दास के आचार्यरत्व में वेदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश यात्रा का शुभारंभ किया गया. कलश यात्रा के आगे भगवान भास्कर के सूर्य यंत्र से सुसज्जित मनोहारी झांकी सजाई गई थी. इस दौरान रथ पर साधु संत भी विराजमान रहे. रथ के पीछे महिलाओं का समूह मंगल गीत गाते हुए चल रहा था. कलश यात्रा के समापन पर संत विमलदास ने कहा कि भागवत कथा हमारे जीवन को सदमार्ग की ओर ले जाती है. जीवन मे जब भी भगवत भक्ति का आभास हो तो समझ लीजिए कि भगवान की कृपा होने वाली है. भागवताचार्य ऋचाश कृष्ण शास्त्री ने भागवत कथा के महत्व को स्पष्ट करते हुए कहा कि भागवत कथा भक्ति,ज्ञान एबं कर्म की त्रिवेणी है. जीवन मे सुख की अभिलाषा धर्म से ही जुडकऱ प्राप्त होगी. इस अवसर पर मुख्य रूप से मनीष महाराज, रामप्रकाश शास्त्री, शुभम आचार्य, देवेश आचार्य, विक्रांत शास्त्री, पवन शास्त्री, नरेश उत्तमदास त्यागी, श्याम पंडा, राजेश लिटौरिया, रविन्द्र शर्मा उर्फ कन्नू, रामप्रताप सडोरिया, हरी यादव सहित बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी नागरिक उपस्थित रहे.

ग्राम डामरोनकला में सद्गुरू सेवा संस्थानप संघ ट्रस्ट आनंदपुर के तत्वाधान में नेत्र परीक्षण शिविर लगाया गया. इसमें डॉक्टरों की टीम ने दो सैकड़ा मरीजों का परीक्षण कर उनमें से 80 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चिह्नित किया है.
शिविर में नेत्र विशेषज्ञ अनूप द्विवेदी ने सभी मरीजों का परीक्षण कर उनको दवाइयां वितरित की. जिन मरीजों का ऑपरेशन होना है, उनको आनंदपुर भेजा गया है. आयोजक समाज सेवी रूपेंद्र सिंह यादव उर्फ रूपा भैया एवं मनोज कुशवाहा ने बताया कि इन शिविरों के माध्यम से गरीब व जरूरतमंद लोगों को अच्छा इलाज मिल जाता है. इसके साथ ही ऑपरेशन से लेकर अन्य सुविधाएं भी निशुल्क मिलती है. शिविर को आयोजित कराने में डाल सिंह जादौन, प्यारेलाल कुशवाहा, ब्रजेश यादव अलगी, प्रभुदयाल यादव, गो सेवक कल्लू महाराज, हरीश चंद्र यादव आदि का विशेष सहयोग रहा. उल्लेखनीय है कि दिनारा व करैरा क्षेत्र में हर दो माह के अंदर विभिन्न संस्थाओं की मदद से यह शिविर आयोजित होते हैं

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