पश्चिम बंगाल

योगेन्द्र चंदोलिया ने ममता बनर्जी के बयान को लेकर जताया असंतोष

SHIDDHANT
13 Oct 2025 8:26 PM IST
योगेन्द्र चंदोलिया ने ममता बनर्जी के बयान को लेकर जताया असंतोष
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Bangal बंगाल: भाजपा नेता योगेन्द्र चंदोलिया ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हालिया बयान पर तीखा विरोध जताया। चंदोलिया ने कहा कि मुख्यमंत्री या सरकार का ऐसा बयान देना ठीक नहीं है और इससे राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठते हैं। योगेन्द्र चंदोलिया ने कहा, "अच्छा होता कि ममता बनर्जी कहती कि हम इस मामले में जांच करवाएंगे। यदि ऐसी घटना किसी अन्य राज्य में होती, तो वे बहुत जोर-जोर से चिल्लातीं। उनके यह कहना कि महिला बाहर क्यों गई, बेहद खेदजनक है। उनके इस बयान से स्पष्ट होता है कि वहां (पश्चिम बंगाल) कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज़ नहीं है।"
चंदोलिया ने जोर देकर कहा कि महिलाओं की सुरक्षा राज्य की प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी स्थिति में अपराधियों को संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान ने पीड़िता और उसके परिवार के प्रति संवेदनशीलता की कमी को दर्शाया है और इससे समाज में महिला सुरक्षा के मुद्दे पर चिंता बढ़ती है। भाजपा नेता ने यह भी कहा कि ममता बनर्जी की सरकार को ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए थी और दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने चाहिए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है और इस प्रकार के बयान अपराधियों को मनोबल दे सकते हैं।
योगेन्द्र चंदोलिया ने मीडिया से बातचीत में यह भी कहा कि राजनीतिक नेतृत्व का कर्तव्य है कि वह संवेदनशील मामलों में समाज को सही संदेश दे और पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा करे। उन्होंने कहा, "एक मुख्यमंत्री के बयान से यह संकेत नहीं मिलना चाहिए कि पीड़िता को दोषी ठहराया जा सकता है। ऐसा बयान समाज में गलत संदेश फैलाता है। पश्चिम बंगाल में हाल ही में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं के बाद विपक्ष और नागरिक समाज लगातार राज्य सरकार की कार्रवाई और महिलाओं की सुरक्षा के लिए सवाल उठा रहे हैं। योगेन्द्र चंदोलिया का बयान इसी संदर्भ में आया है और यह स्पष्ट करता है कि भाजपा इस मामले को गंभीरता से ले रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री के इस बयान से राजनीतिक विवाद बढ़ सकता है और विपक्ष इसे राज्य में कानून-व्यवस्था की कमजोरी के रूप में पेश कर सकता है। इस प्रकार के बयान सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर बहस को जन्म देते हैं और महिला सुरक्षा के प्रति प्रशासन की भूमिका पर ध्यान आकर्षित करते हैं। योगेन्द्र चंदोलिया ने अंत में कहा कि राज्य सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी घटनाओं में दोषियों को कड़ी सजा मिले। उन्होंने जोर दिया कि महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
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