पश्चिम बंगाल

West Burdwan: बारिश बनी आफत, दामोदर नदी उफान पर; दो पुल बहने से आवाजाही ठप

Admindelhi1
23 July 2026 11:43 AM IST
West Burdwan: बारिश बनी आफत, दामोदर नदी उफान पर; दो पुल बहने से आवाजाही ठप
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दामोदर नदी के पुल बहने से संकट, दो जिलों के बीच आवागमन प्रभावित

पश्चिम बर्दवान: लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) द्वारा दामोदर नदी में छोड़े गए भारी मात्रा में पानी के कारण मंगलवार रात दामोदर नदी पर बने दो अस्थायी बांस के पुल तेज बहाव में बह गए। हिरापुर के शामडीही के निकट स्थित ईश्वरदा फेरी घाट और केसरकुड़ी फेरी घाट पर बने ये पुल बांकुड़ा और पश्चिम बर्दवान जिलों के बीच आवागमन का प्रमुख साधन थे। पुल बहने से दोनों जिलों के बीच सीधा संपर्क पूरी तरह टूट गया है और लोगों को अब जान जोखिम में डालकर मोटर चालित छोटी नावों के सहारे नदी पार करनी पड़ रही है।

दामोदर बिहारीनाथ सेतु बंधन कमेटी के महासचिव चंदन मिश्रा ने बताया कि मंगलवार रात तेज बारिश के कारण डीवीसी ने नदी में काफी मात्रा में पानी छोड़ा। तेज बहाव में रिवरसाइड से पहले स्थित एक अस्थायी बांस का पुल पूरी तरह बह गया और बहते हुए उसने रिवरसाइड के दूसरे बांस के पुल को जोरदार टक्कर मार दी। इस टक्कर से दूसरा पुल भी बीच से टूटकर बह गया। बुधवार सुबह तक दोनों पुल पूरी तरह नष्ट हो चुके थे। उन्होंने कहा कि अब पांच महीने तक दोनों पर के लोगों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करना पड़ेगा।

उन्होंने बताया कि पुल टूटने से बांकुड़ा, पुरुलिया और आसपास के ग्रामीण इलाकों का पश्चिम बर्दवान से सीधा संपर्क समाप्त हो गया है। प्रतिदिन हजारों मजदूर, छात्र, मरीज, व्यापारी और नौकरीपेशा लोग इसी रास्ते से आसनसोल, बर्नपुर तथा आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंचते थे। विशेष रूप से सेल–आईएसपी में कार्यरत बड़ी संख्या में ठेका श्रमिक भी इसी मार्ग का उपयोग करते थे। अब लोगों को मोटर चालित छोटी नावों के सहारे नदी पार करनी पड़ रही है, जिससे समय के साथ-साथ दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है।

चंदन मिश्रा ने कहा कि इस अस्थायी पुल के कारण बांकुड़ा से पश्चिम बर्दवान की दूरी महज दो किलोमीटर रह जाती थी, जबकि सड़क मार्ग से लगभग 70 किलोमीटर का लंबा सफर तय करना पड़ता है। पुल टूटने से हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो गई है।

उन्होंने बताया कि दामोदर बिहारीनाथ सेतु बंधन कमेटी पिछले तीन-चार वर्षों से दामोदर नदी पर स्थायी पुल निर्माण की मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रही है। इस संबंध में कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को ज्ञापन भी सौंपे गए। तत्कालीन पीडब्ल्यूडी एवं श्रम मंत्री मलय घटक की पहल पर लगभग 70 लाख रुपये की लागत से पुल निर्माण के लिए सर्वेक्षण भी कराया गया था, लेकिन उसके बाद परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी।

कमेटी के अनुसार, वर्ष 2024-25 के राज्य बजट में भी इस पुल के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया। इसके बाद 2026 के विधानसभा चुनाव में यह मुद्दा प्रमुख चुनावी विषय बना। कमेटी ने बांकुड़ा जिले के जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विधानसभा प्रत्याशियों तथा आसनसोल दक्षिण की विधायक एवं वर्तमान शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल को भी ज्ञापन सौंपा था। मंत्री ने सरकार बनने के बाद स्थायी पुल निर्माण का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक परियोजना के लिए अलग से बजट आवंटित नहीं किया गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अब इस समस्या का स्थायी समाधान केवल दामोदर नदी पर एक पक्का पुल बनाना ही है।

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