पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल: केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार का TMC सांसदों के चुनाव आयोग प्रतिनिधिमंडल पर तंज

SHIDDHANT
28 Nov 2025 10:07 PM IST
पश्चिम बंगाल: केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार का TMC सांसदों के चुनाव आयोग प्रतिनिधिमंडल पर तंज
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West Bengal पश्चिम बंगाल: केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार ने पश्चिम बंगाल में टीएमसी सांसदों के चुनाव आयोग से मुलाकात पर तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि टीएमसी की एक सांसद कई बार चुनाव जीतने के बावजूद यह सवाल उठा रही हैं कि मतदाता सूची (Voter List) के अद्यतन और SIR (Special Summary Revision) भारत के नागरिकों के लिए है या नहीं। मजूमदार ने सवाल उठाया कि क्या सांसद को जन प्रतिनिधि अधिनियम (Representation of the People Act – RPA) की जानकारी है। उनका कहना था कि जो लोग संसद में बार-बार निर्वाचित होते हैं, उन्हें मतदाता सूची के निर्माण और अद्यतन प्रक्रिया की बुनियादी जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने कहा, "शताब्दी रॉय को इस विषय पर अध्ययन करना चाहिए और समझना चाहिए कि मतदाता सूची और SIR का उद्देश्य भारत के नागरिकों को सही रूप से शामिल करना है।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र और निष्पक्ष संस्था है, और इसका काम केवल यह सुनिश्चित करना है कि हर योग्य भारतीय नागरिक का मतदाता सूची में नाम दर्ज हो। उन्होंने TMC सांसदों के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सत्य जानकारी के आधार पर ही सवाल उठाने चाहिए, बजाय इसके कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाएं। मजूमदार ने जोर दिया कि मतदाता सूची का अद्यतन और SIR प्रक्रिया लोकतंत्र की आधारशिला है। इसके जरिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि सभी योग्य नागरिक मतदान का अधिकार सुरक्षित रूप से प्रयोग कर सकें। उन्होंने कहा कि यह न केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि देश की राजनीतिक स्थिरता और पारदर्शिता के लिए भी जरूरी है।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि टीएमसी सांसदों को मतदाता सूची, SIR और RPA के उद्देश्य के बारे में पूरी जानकारी लेना चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग के काम की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत में चुनाव प्रक्रिया लगातार सुधर रही है और इसमें किसी भी प्रकार की राजनीतिक भेदभाव की गुंजाइश नहीं है। मजूमदार का यह बयान पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि इसमें TMC सांसदों की जानकारी और जिम्मेदारी पर सवाल उठाया गया है। केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि लोकतंत्र में सत्य और पारदर्शिता सर्वोपरि हैं और किसी भी प्रतिनिधि को इसके प्रति जागरूक और जिम्मेदार होना चाहिए।
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