पश्चिम बंगाल

West Bengal : मूर्तियों को नुकसान की घटनाओं से बढ़ा राजनीतिक विवाद

Kavita2
11 May 2026 10:38 AM IST
West Bengal : मूर्तियों को नुकसान की घटनाओं से बढ़ा राजनीतिक विवाद
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West Bengal वेस्ट बंगाल: पश्चिम बंगाल में हाल ही में राजनीतिक और सामाजिक प्रतीकों की मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं ने तनाव और विवाद को बढ़ा दिया है। राज्य में कथित तौर पर एक हफ्ते से भी कम समय में कई स्थानों पर नेताओं और सांस्कृतिक प्रतीकों की मूर्तियों और तस्वीरों को तोड़ने या खराब करने की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

ताजा मामला दक्षिण दिनाजपुर जिले से सामने आया है, जहां शुक्रवार रात कुछ अज्ञात बदमाशों ने संथाल विद्रोह के प्रमुख नायकों सिद्धू मुर्मू और कान्हू मुर्मू की मूर्तियों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर तनाव का माहौल बन गया और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जांच शुरू कर दी है।

इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों के बीच तीखी बयानबाजी भी देखने को मिली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं राजनीतिक उकसावे या प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम हो सकती हैं। दोनों दलों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

यह सिलसिला 5 मई को मुर्शिदाबाद जिले में शुरू हुआ था, जब कम्युनिस्ट विचारधारा के प्रतीक माने जाने वाले व्लादिमीर लेनिन की मूर्ति को तोड़े जाने की घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अन्य प्रतीकों को नुकसान पहुंचाने की खबरें भी आने लगीं, जिससे पूरे प्रदेश में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया।

लगातार हो रही इन घटनाओं ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी इन घटनाओं की निंदा की है और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

प्रशासन की ओर से कहा गया है कि सभी मामलों की जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने कुछ जगहों पर सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय गवाहों के बयान भी दर्ज किए हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन घटनाओं ने राज्य में पहले से मौजूद राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं न केवल सांस्कृतिक भावनाओं को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि राजनीतिक ध्रुवीकरण को भी बढ़ावा दे रही हैं।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और शांति बनाए रखने की अपील की गई है। राज्य में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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