पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल चुनाव: काउंटिंग सेंटर 87 से घटकर 77 हो सकते हैं, TMC ने उठाए सवाल

Kavita2
1 May 2026 10:59 AM IST
पश्चिम बंगाल चुनाव: काउंटिंग सेंटर 87 से घटकर 77 हो सकते हैं, TMC ने उठाए सवाल
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West Bengal वेस्ट बंगाल: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना को लेकर चुनाव आयोग ने काउंटिंग सेंटरों की संख्या में एक बार फिर बदलाव का संकेत दिया है। मौजूदा जानकारी के अनुसार, काउंटिंग सेंटरों की संख्या 87 से घटाकर 77 की जा सकती है। इस संभावित बदलाव को लेकर काउंटिंग से कुछ दिन पहले ही राजनीतिक बहस तेज हो गई है, जबकि सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं।

अधिकारियों की ओर से इस बदलाव के पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है, जिससे राजनीतिक हलकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इससे पहले भी मतगणना प्रक्रिया से जुड़े ढांचे में बदलाव किया जा चुका है।

पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने जानकारी दी कि राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों के लिए लगभग दो सप्ताह पहले काउंटिंग सेंटरों की संख्या 108 से घटाकर 87 कर दी गई थी। अब इसे और घटाकर 77 करने पर विचार किया जा रहा है।

अग्रवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि मतगणना प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित रखने के लिए सभी काउंटिंग सेंटरों में कड़ी निगरानी की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी सेंटर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहेंगे, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को रोका जा सके।

हालांकि, काउंटिंग सेंटरों की संख्या में बार-बार बदलाव को लेकर राजनीतिक विवाद भी खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इससे मतगणना प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर असर पड़ सकता है। पार्टी ने चुनाव आयोग से इस निर्णय पर स्पष्टीकरण की मांग की है।

चुनाव विशेषज्ञों का मानना है कि काउंटिंग सेंटरों की संख्या में कमी से प्रशासनिक व्यवस्था और मतगणना की गति पर असर पड़ सकता है, लेकिन सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के कारण प्रक्रिया पर नियंत्रण बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।

राज्य में पहले से ही चुनावी माहौल काफी संवेदनशील रहा है, ऐसे में मतगणना से जुड़े हर निर्णय पर राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है। विपक्षी दलों ने भी इस बदलाव को लेकर अपनी चिंता जताई है और चुनाव आयोग से स्पष्टता की मांग की है।

Election Commission of India की ओर से अभी तक काउंटिंग सेंटरों की अंतिम संख्या को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन संकेत दिए गए हैं कि आवश्यकता पड़ने पर इसमें और कमी की जा सकती है।

फिलहाल राज्य प्रशासन और चुनाव आयोग मिलकर मतगणना प्रक्रिया को सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न कराने की तैयारियों में जुटे हुए हैं, ताकि परिणाम घोषित होने के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।

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