पश्चिम बंगाल

WB elections: अमित शाह का दावा, पहले चरण की रिकॉर्ड वोटिंग बदलाव का संकेत

Kavita2
24 April 2026 1:47 PM IST
WB elections: अमित शाह का दावा, पहले चरण की रिकॉर्ड वोटिंग बदलाव का संकेत
x

West Bengal वेस्ट बंगाल: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में हुई रिकॉर्ड वोटिंग को राजनीतिक बदलाव का मजबूत संकेत बताया है। कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि इस बार जनता में बदलाव को लेकर स्पष्ट उत्साह दिखाई दे रहा है और मतदान प्रतिशत इसका प्रमाण है।

अमित शाह ने दावा किया कि यदि भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य में सत्ता में आती है, तो पश्चिम बंगाल में जन्मे और बंगाली भाषा बोलने वाले नेता को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। उनके इस बयान को राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि यह सीधे तौर पर नेतृत्व और स्थानीय प्रतिनिधित्व से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने आगे भविष्यवाणी करते हुए कहा कि पहले चरण में जिन 152 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ है, उनमें से BJP 110 से अधिक सीटें जीत सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) का जाना तय है और BJP पूर्ण बहुमत के साथ अगली सरकार बनाएगी।

अमित शाह ने इस दौरान चुनाव आयोग और सुरक्षा बलों की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले चरण में किसी की मृत्यु की कोई घटना सामने नहीं आई है, जो इस चुनाव प्रक्रिया के लिए सकारात्मक संकेत है। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत और प्रभावी बताया।

अपने बयान में उन्होंने पिछले वर्षों के चुनावी हालात का भी उल्लेख किया। शाह ने कहा कि 2016 के चुनावों में 1,200 से अधिक लोग घायल हुए थे, जबकि 2021 के चुनावों में यह संख्या 1,600 से अधिक थी। इसके मुकाबले इस बार के प्रारंभिक चरण में 30 से कम लोगों के घायल होने की सूचना है, जिसे उन्होंने चुनावी हिंसा में उल्लेखनीय कमी बताया।

उन्होंने कहा कि यह बदलाव चुनाव प्रक्रिया में बेहतर प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था के कारण संभव हुआ है। शाह के अनुसार, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है, और इस बार की स्थिति पहले की तुलना में काफी बेहतर है।

अमित शाह के इन बयानों के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जहां BJP अपने प्रदर्शन को लेकर आश्वस्त नजर आ रही है, वहीं TMC की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव के शुरुआती चरण में इस तरह के दावे मतदाताओं के मनोवैज्ञानिक रुझान को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन अंतिम परिणाम कई चरणों के मतदान के बाद ही स्पष्ट होगा।

फिलहाल राज्य में चुनावी माहौल गर्म है और सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीतियों को मजबूत करने में लगे हुए हैं।

Next Story